शहनाज की चूत का इशारा

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 14, 2017.

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    प्रेषक : अवि .

    हैल्लो दोस्तों, में अवि और में मध्यमवर्गीय परिवार का एक अच्छा दिखने वाला लंबा गोरा सुंदर लड़का हूँ। मुझे देखकर मेरे आसपास की कई लड़कियाँ मुझ पर मरती थी यह बात मुझे मेरी गर्लफ्रेंड ने बताई। दोस्तों पिछले कुछ सालों से कामुकता डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों के मज़े लेता आ रहा हूँ। ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है, लेकिन दिन मेरे मन में मेरी भी एक सच्ची घटना को लिखकर आप सभी तक पहुँचाने के बारे में विचार आया और मैंने उसको लिखना शुरू किया और आज वो आपके सामने भी है। यह मेरी पहली कहानी इसलिए मुझे कोई कमी या गलती हो गई हो तो प्लीज आप मुझे माफ जरुर करे और अब इसको पढ़कर मज़े ले।

    दोस्तों हर आदमी की जिंदगी में एक दिन एक ऐसा मोड़ आता है जब वो ठीक तरह से समझ भी नहीं पाता कि उसको अब क्या करना चाहिए? और वो बिल्कुल नासमझ बनकर आगे बढ़ जाता है उसके बाद उसके अपने जीवन में आए अचानक उस परिवर्तन के बारे में बस वो सोच ही सकता है, क्योंकि उसने करने का मौका अपने हाथ से खो दिया या तो वो परिवर्तन उसके जीवन को पहले से ज्यादा अच्छा या फिर और भी बुरा कर देता है। दोस्तों ऐसा ही कुछ हमारे साथ भी हुआ जब में 18 साल का था। दोस्तों वो पल जिंदगी का एक ऐसा समय होता कि हर चीज़ के प्रति अपने आप आकर्षण हो जाता है खासकर इस उम्र में लड़को का किसी भी सुंदर गोरी भरे हुए बदन की लड़कियों के लिए कुछ ज्यादा ही झुकाव होता है, वो उनकी तरफ आकर्षित हुए ही जाते है और वो उनको अपना बनाने के लिए किसी भी हद तक चले जाते है और उनको उस लड़की के अलावा और कुछ भी नजर नहीं आता।

    दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब में 12th का पेपर दे रहा था और में एक कोचिंग में पढ़ाई के लिए जाता था। हमारी उस कोचिंग में बहुत सारी लड़कियाँ भी पढ़ने आती थी। वैसे तो में किसी से ज्यादा बात नहीं करता था, लेकिन एक दिन मेरे साथ एक ऐसा हादसा हुआ जिसने मेरी जिंदगी को बिल्कुल ही बदल दिया था। दोस्तों उस दिन मेरे कोचिंग में पहुंचने के बाद से ही हल्की हल्की बरसात होना शुरू हो गई और उसके बाद वो और भी ज्यादा तेज होती चली गई, इसलिए ज्यादा बच्चे उस दिन कोचिंग में नहीं आए थे और जितने बच्चे आए थे उनका भी मन पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था इसलिए वो सब एक दूसरे के साथ मज़े मस्ती कर रहे थे। तभी अचानक से एक लड़की जिसका नाम शहनाज था और वो भी हमारे ही साथ पढ़ती थी, लेकिन पता नहीं उस दिन वो मुझे बड़ी सुंदर लग रही थी उससे पहले वो मुझे इतनी आकर्षक नहीं लगी थी या हो सकता है कि शायद मैंने कभी उसको इतने ध्यान से नहीं देखा था। फिर उस दिन पहली बार मैंने उससे कुछ बातें करना शुरू किया तो उसने भी मेरी बातों का बहुत अच्छी तरह से हंसकर जवाब दिया और उसी दिन के बाद हम दोनों में बहुत ज्यादा बातें होनी लगी थी, क्योंकि वो मेरे साथ और में उसके साथ बड़ा खुश था और एक दिन हम दोनों ने एक दूसरे को अपना अपना फोन नंबर भी दे दिया, जिसके बाद मेरी उससे हर दिन दो घंटे बात होती थी और हम दोनों को एक दूसरे से मिले बातें करे बिना मज़ा नहीं आता था।

    फिर कब वो मेरे इतने पास आ गई मुझे इस बात का पता ही नहीं चला अब हम लोग एक दूसरे को बहुत अच्छे दोस्त समझते थे, लेकिन शायद हमारे दिल में कुछ और ही था वो मुझे हमेशा बताती थी कि कोचिंग में दूसरी लड़कियां हमारे बारे में क्या क्या बातें कहती है? वो मुझसे कहने लगी कि कुछ लड़कियाँ कहती है कि तुम दिखने में बहुत सुंदर अच्छे लगते हो इसलिए वो हर एक लड़की तुम्हारे साथ कहीं डेट पर जाना चाहती है और फिर मैंने उससे कहा कि मेरे भी कुछ दोस्त लड़के तुम्हारे फिगर की बहुत तारीफ किया करते है, वो कहते है कि तुम बहुत हॉट सेक्सी लगती हो और तब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर झट से शरमा गई।

    फिर एक दिन हमारे घर में कोई नहीं था और हमें पढ़ाई भी करनी थी तो इसलिए मैंने अपने कुछ दोस्तों को अपने घर बुला लिया और उनके साथ साथ मैंने शहनाज को भी बुला लिया। फिर सभी के आ जाने के बाद हम सभी लोग साथ में बैठकर पढ़ाई करने लगे और बीच बीच में हम मस्ती भी करने लगे थे कि तभी अचानक से मेरा हाथ शहनाज के बूब्स से टकरा गया, जिसकी वजह से हम दोनों तुरंत चकित हो गये। हम दोनों को थोड़ा सा अजीब महसूस हो रहा था और फिर थोड़ी देर के बाद हमारे सभी दोस्त जाने लगे और शहनाज भी उनके साथ ही जा रही थी, लेकिन मैंने उसको कहा कि तुम कुछ देर यहीं पर रुक जाओ, मुझे तुमसे कुछ बातें करनी है प्लीज तुम रुक जाओ ना। फिर पहले उसने थोड़ा सा कुछ सोचा, लेकिन फिर उसके बाद वो रुक ही गयी, जिसकी वजह से में बहुत खुश था और सभी के चले जाने के बाद मैंने उससे कुछ देर पहले उसके बूब्स को हाथ लगने वाली बात के लिए मुझे माफ करने के लिए कहा तो उसने कहा कि कोई बात नहीं, उससे कुछ नहीं होता तुमने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया है। फिर मैंने उसका वो जवाब सुनकर तुरंत ही उसका एक हाथ पकड़कर उससे कहा कि शहनाज मुझे अभी कुछ दिनों से लगने लगा है कि में तुम्हे प्यार करने लगा हूँ, वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर एकदम से शरमा गयी और फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम भी मुझसे नहीं करती? तो उसने मुझसे कुछ भी कहे बिना अपनी आखों को नीचे झुकाकर कहा कि जरूरी है क्या हर बात ज़ुबान से बोलकर बताई जाए। कुछ बातें कभी तुम इशारे से भी समझ लिया करो।

    अब उसके मुहं से वो बातें सुनकर मुझे मन ही मन बहुत खुशी हुई और में खुशी से झूम गया। फिर मैंने उसको उसी समय अपनी बाहों में भर लिया और वो सब ऐसा था कि कोई भी शब्द से में उसके बारे में लिखकर बता नहीं सकता है। हम दोनों करीब दस मिनट तक ऐसे ही करते रहे और मेरा मन अब कर रहा था कि इस समय सारी दुनिया यहीं पर रुक जाए तो में सिर्फ़ उसको ऐसे ही अपनी बाहों में रखूं और बाकी सब भूल जाऊं। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

    दोस्तों उसकी वो उठती हुई साँसे जब मेरे दिल को छू रही थी तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे हाथों में आज दुनिया की सारी खुशी आ गई और उसकी धड़कन जब मेरी धड़कनों से मिल रही थी तो मुझे ऐसा लगा कि हम दो जिस्म एक जान है। अब वो शरम की वजह से बिल्कुल लाल हो गयी थी और अचानक से मैंने उसके चेहरे को हाथ में लेकर ऊपर उठाया और अब में उसकी आखों में देखने लगा। वो एकदम लाल रंग की तरह लाल थी। उसके होंठ गुलाब की तरह चमक रहे थे और ना चाहते हुए मैंने उसके गुलाब जैसे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उसी समय उसकी साँस पहले से भी ज्यादा और भी तेज़ होने लगी। फिर उसने मुझे और भी ज़ोर से अपनी बाहों में कस लिया और उस समय मेरे अंदर इतनी खलबली मची कि में सारा जहाँ भूल गया, वो बिल्कुल मदहोश हो गयी थी।

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    फिर तभी अचानक से मेरा एक हाथ उसके गालों से नीचे सरकते हुए गले को छूता हुआ उसके बूब्स पर जाकर में रुक गया। अब वो बिल्कुल चकित होकर अजीब सी नजर से मुझे देख रही थी और उस समय उसकी आंखे, उसके जिस्म की खुशबू उसका चेहरा बिल्कुल बैचेन हो चुका था और जब मेरा हाथ उसके बूब्स पर गया तो उसने मुझसे पूछा कि अवी क्या यह सब जो हम कर रहे है वो सही है? तो मैंने उससे कहा कि यह तो में भी नहीं जानता, लेकिन जानता हूँ तो बस इतना कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो। फिर मैंने इतना कहकर उसके बूब्स को दबा दिया और मेरे दोनों हाथ उसके बूब्स पर थे और हम दोनों एकदम जोश में थे कुछ देर उसको किस और स्मूच करते हुए मैंने उसके कपड़ो के अंदर अपने एक हाथ को डाल दिया और उसकी ब्रा के ऊपर से जब मैंने उसके बूब्स को दबाया तो मेरा रहा सहा होश भी अब जाता रहा। उसके बदन से उठती हुई खुशबु को सूंघकर में अब सब कुछ भूल गया था और में उसकी ब्रा के ऊपर से ही बूब्स को चूसने लगा था। उस समय पहली बार मैंने किसी के बूब्स को छूकर महसूस किया था और उसके कपड़ो के अंदर से उसकी सुंदरता को देखकर महसूस किया।

    दोस्तों उसके बूब्स हाथ रखने में थोड़ा सा सख्त और थोड़ा सा मुलायम भी लग रहे थे और बूब्स को दबाने पर ना जाने क्या कैसा एक अलग सा ही रोमांच मेरे मन में पैदा हो रहा था। फिर मैंने कुछ देर बाद महसूस किया कि उसके बूब्स की निप्पल जोश में आने की वजह से सख्त हो चुकी थी और जब भी मेरे हाथ की उँगलियाँ उस पर जाती तो में निप्पल को दबाता और उस समय मुझे उसके मुहं से सिर्फ़ एक आवाज़ सुनाई देती आअहहह। दोस्तों उसके और मेरे बदन के बीच की नजदीकियों में दुश्मन बन बैठे उसके गुलाबी रंग के टॉप और उसी रंग की ब्रा को में मैंने अपने हाथ को डाल दिया। वैसे वो उस टॉप में बहुत सुंदर दिखाई दे रही थी, लेकिन उस टॉप के हट जाने के बाद सिर्फ़ और सिर्फ़ वो जन्नत की परी नजर आ रही थी और उसके गुलाबी रसभरे होंठ, शरम से हुए गुलाबी गाल और जोश में आकर बूब्स की तनी हुई निप्पल को मैंने दबाकर गुलाबी बना दिया था और फिर उसके बाद मैंने अपनी सारी सुधबुध को खो दिया था और बस में उसके शरीर से प्यार करता जा रहा था। फिर अचानक से शहनाज ने कहा कि अवी क्या तुम अपनी टी-शर्ट को नहीं उतारोगे? उसका बस इतना कहना था कि मैंने अपनी टी-शर्ट को भी अपने बदन से अलग कर दिया, जिसके बाद अब हम दोनों सिर्फ़ जींस ही पहने हुए थे और जब उसके नंगे बूब्स मेरी छाती से टकराए, तो मैंने उसको ज़ोर से गले लगा लिया और इससे हम दोनों के शरीर के बीच हवा को भी जाने की जगह नहीं मिल सकी।

    फिर उसके दोनों बूब्स सख्त होकर मेरी छाती में दबे जा रहे थे और में उनको और अपने अंदर घुसाने की कोशिश कर रहा था अब हम दोनों की साँसे एक हो गयी थी। फिर उसने अपनी जीभ को मेरे मुहं में डाल दिया और जोश की वजह से मेरी और उसकी आंखे बंद हो गयी, मेरा लंड जोश की वजह से इतना सख्त और लंबा हो गया था कि उसमे दर्द हो रहा था और मेरा लंड लंबा होकर मेरी नाभि तक आ गया था और शहनाज के मुलायम पेट पर दब रहा था। अब मैंने उसके मुहं से अपनी जीभ को बाहर निकला और उसके कान को किस करते हुए गालों को फिर उसके बाद गर्दन को फिर उसके दोनों बूब्स के बीच भी में किस करते हुए अब उसके दोनों निप्पल पर आ गया। फिर धीरे धीरे उसके पेट पर और फिर उसकी नाभि पर आकर जब मैंने किस किया तो वो जोश की वजह से बिल्कुल पागल हो गई और उसने मेरे बाल पकड़कर जोश में आकर सहलाने लगी।

    फिर जैसे ही में थोड़ा सा और नीचे बढ़ा तो शहनाज ने मुझसे कहा कि अवी प्लीज खुदा के लिए और आगे मत बढो और अब में बिल्कुल तैयार था, लेकिन फिर भी मैंने उससे कहा कि शहनाज ठीक है जैसा तुम कहो में इतना कहकर रुक गया, लेकिन उस समय में आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था और में उस समय बहुत जोश में था। फिर उसने मेरी हालत को देखकर प्यार से मेरे पास आकर अपने हाथों से मेरी जींस का बटन खोल दिया और उसके बाद अपने मुलायम हाथ से मेरे लंड को पकड़ा। तभी ना जाने क्यों उस समय मुझे ऐसा लगा कि जितनी भी हिम्मत मैंने फिर से जुटाई थी वो सब एक झटके में खत्म हो गयी है, उसके नरम हाथों से पकड़ने मात्र से ही मेरा लंड और भी ज्यादा टाइट हो गया था। अब उसने मेरी अंडरवियर को हटाकर मेरे लंड को पहले कुछ देर बड़े ध्यान से देखा और फिर खुश होकर लंड पर एक किस ले लिया। वो मुझसे कहने लगी कि देखो अवी मैंने तुम्हे आज पूरी तरह से खुश कर दिया है और इतना कहकर अपने बालों को गाल पर से हटाते हुए उसने जैसे ही मेरे लंड को सक किया उसी समय मेरी आखें जोश की वजह से बंद हो गयी और मेरे हाथ पैर ज़ोर से कांपने लगे।

    मेरा पूरा शरीर जोश से भर चुका था। अब मेरा हाथ भी उसके बालों पर आगे पीछे होने लगा और मैंने अपने हाथों से उसके सर पर दबाव देना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से धीरे धीरे हम दोनों का जोश अपने टॉप पर भी पहुंच गया और में उसके मुहं में ही झड़ गया और अपना पूरा वीर्य मैंने उसके मुहं में निकाल दिया, तो उसी समय उसने हटने की कोशिश की, लेकिन मैंने उसको हटने नहीं दिया और जब तक मैंने उसके मुहं में अपने वीर्य की एक एक बूंद नहीं डाल दी तब तक मैंने उसको नहीं छोड़ा। अब में पूरी तरह से झड़ जाने के बाद थोड़ा सा शांत अच्छा महसूस कर रहा था और जब उसने अपने चेहरे को ऊपर किया तब मैंने देखा कि वीर्य की कुछ बूँद उसके चेहरे पर अब भी लगी हुई थी। फिर उसने मुझसे कहा कि ऐसे करते है क्या? में उस समय ठीक तरह से साँस भी नहीं ले पा रही थी और तुमने तो मुझे बिल्कुल ही दबोचकर पकड़ लिया। में अपनी पूरी ताकत लगाकर भी छूटने में असमर्थ थी। फिर मैंने उससे कहा कि में क्या करता तुमको देखकर में एकदम बेकाबू हो गया था और मुझे तो उस समय बिल्कुल भी होश नहीं था कि में तुम्हारे साथ क्या कर रहा हूँ? उसी समय मैंने उससे कहा कि अच्छा चलो अब तुम मुझे उसके लिए माफ़ भी कर दो, लेकिन शहनाज तुम मुझे सच सच एक बात बताओ कि तुम्हे उस समय कैसा महसूस हुआ और तुमने इतना सब कुछ बड़ी अच्छी तरह से करना कैसे सीखा? तो उसने कहा कि पागल अरे ऐसे ही क्या कभी किसी से पूछते है? और यह सब मैंने एक सेक्सी फिल्म में देखा था, इसलिए ऐसा मैंने भी कर दिया। फिर उसने मुझे एक किस किया और अपनी ब्रा को पहनने लगी। उसके बाद उसने आवाज़ लगाकर मुझसे कहा कि अवी ज़रा मेरे हुक तो लगा दो।

    फिर में ब्रा के हुक लगाने लगा और हुक को लगाते हुए उसी समय अच्छा मौका देखकर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर से दबा दिया, जिसकी वजह से उसके मुहं से एक ज़ोर की चीख बाहर निकल गयी और वो मुझसे बोली कि तुम अब ऐसे कोई भी शैतानी मत करो। आज के लिए इतना ही बहुत है और अब मुझे अपने घर भी जाना है। अब में उसके सामने बैठकर उसको कपड़े पहनने हुए देखने लगा। वो और भी ज्यादा सुंदर लग रही थी और उसी समय मैंने उससे बहुत प्यार से पूछा कि शहनाज वो कब होगा? तो उसने मेरी तरफ देखकर शरम से मुस्कुराकर कहा कि बहुत ही जल्द वो दिन भी आने वाला है और इतना कहकर वो मेरे पास आकर मुझे चूमने लगी। फिर में खुश होकर उसको चूमते हुए उसका वो जवाब सुनकर बड़ा मस्त हो गया, जिससे मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। दोस्तों यह था मेरा वो सच मेरे साथ घटी वो एक सच्ची घटना जिसको मैंने आज आप तक पहुंचा ही दिया और मुझे उम्मीद है कि यह सभी पढ़ने वालो को जरुर पसंद आएगी ।।

    धन्यवाद .

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