वन्स अपॉन ऐ टाइम इन माय जिंदगी -1

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 11, 2017.

  1. SexStories

    SexStories Active Member

    MyIndianSexStories

    वन्स अपॉन ऐ टाइम इन माय जिंदगी -1

    Once upon a time in my zindagi -1:

    हेल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम सुलतान है और मैं मुंबई का रहने वाला हूँ | आज मैं आप लोगो के लिए एक नयी कहानी ले कर आया हूँ | उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी कहानी पसंद आयगी | तो अब मैं अपनी कहानी में आता हूँ |

    ये तब की बात है जब मैं 8 साल का था | मेरा कोई नाम नहीं था और कोई पहचान नही थी | लेकिन मेरे इरादे और मेरे सपने बहुत बड़े थे | एक दिन मैं समुद्र किनारे बैठा हुआ था कि मुझे एक बुढ़िया बेसहारा सी दिखी | मैं उस समय वडा पाओ खा रहा था और मुझे लगा कि शायद बुढ़िया भूखी होगी | तो मैंने उसके पास जा कर पूछा कि क्यू रे अम्मा वडा पाओ खायगी तो उसने मुझसे कहा कि मैं ये खाऊँगी तो तू क्या गू खायगा ? मैंने कहा नही रे बुढ़िया मैं सब की दुआ खाऊंगा और खूब बड़ा आदमी बनूँगा | फिर उसने कहा कि झांट सी उम्र है और बात सुलतानो वाली करता है | बस तभी से मेरा नाम सुलतान पड़ गया | मैं धीरे धीरे काला बाजारी में घुस गया और कभी सोने की स्मगलिंग तो कभी हीरे की तो कभी किसी चीज़ की स्मगलिंग करने लगा | यही काम करते करते मैं बड़ा हो गया और मेरे पास बहुत पैसे कमाने लगा | अब मैं भी दो नंबर की काम में लग चुका था और मैं सिर्फ वही काम करता था जिसकी इजाजत सरकार नही देती थी उसकी नहीं जिसकी इजाजत जमीर नहीं देता | एक दिन मेरी पेशी थी तो मैं कोर्ट गया हुआ था | तभी एक लड़का अपनी माँ को धमका रहा था | ये देख कर बहनचोद कसम से माथा फिर गया | जब वो मूतने गया तो मैंने उसे वहीँ मार दिया | फिर मैं जैसे ही कोर्ट से बाहर निकला तो देखा कि बहुत सारे लोग भीड़ लगा के मेरी मदद के लिए खड़े हुए हैं | मैं समझ गया कि अब मेरा बजन चलने लगा है मुंबई में | मैं लोगो का मसीहा बन गया था |

    एक दिन मैं अपने घर में बैठा हुआ था कि एक बहुत बड़ा बिल्डर आया और मुझसे कहने लगा कि मेरे भाई को मार दो मैं उससे तंग आ गया हूँ | आप जितना पैसा बोलोगे मैं उतना देने को तैयार हूँ | तो मैंने उससे कहा कि अबे लंड के बाल मैं हर काम पैसे के लिए नहीं करता | तू जा तेरा काम हो जायगा | तभी हम सब घर से बाहर निकले तो मैंने कहा कि इन साहब के लिए टैक्सी मंगाओ | तो उसने कहा कि टैक्सी क्यू मेरे पास तो मेरी कार है फिर मैंने ही कह दिया इतने में कि मैं हर काम पैसे के लिए नहीं करता | अब मेरे पास एक मर्सिडीज़ बेंज चार चुकी थी | अब मेरा रुतबा और बढ़ गया | मैं उस बुढ़िया को जब भी देखता तो उसे पैसे देता और वो मुझे बदले में वो मुझे दुआ देती | मेरा भी डायलौग बन गया था दुआ ये में याद रखना | अब मैं मुंबई में राज करने लगा | लोग मेरा नाम सुनते तो उनकी गांड फट जाती | एक दिन हम सारे डॉन की मीटिंग हुई | सब के हाँथ में चिकिन और और दारू हाँथ में थी | असल में मीटिंग इसलिए बैठाई थी कि कोई किसी के काम में अड़ंगा न डाले | तो मैंने पुलिस चौकी के हिसाब से सबका हिस्सा बाँट दिया | तभी वर्धान ने मुझसे कहा कि सुलतान अगर ये बंटवारा पंसद ना हो तो | मुझे गुस्सा आ गया ये बात सुन कर तो मैंने कहा कि मत करो मादरचोदो बंटवारा | गांड में ऊँगली करते रहो एक दूसरे की | बहनचोद यहाँ मैं इसलिए आया हूँ कि हम सब अपने अपने धंधे में आगे बढे और तुम लोग यहाँ अपनी माँ चुदाने आये हो | उसके बाद फिर सब शांत हो गये और फिर शांति से बंटवारा हो गया |


    मैं रिहाना का बहुत बड़ा फैन था | मुझे उसकी हर एक मूवी बहुत अच्छी लगती थी | मैं उसका दीवाना था और मैं उसकी एक भी मूवी मिस नहीं करता था | एक दिन की बात है मैं अपनी कार से कहीं से जा रहा था तभी मुझे पता चला कि रिहाना की शूटिंग हो रही है तो मैंने सोचा कि चलो मैं उसे मिल लूं | तो मैंने एक अमरुद वाले के पास गया और उससे पूछा कि ये अमरुद कितने का है ? तो उसने कहा कि 4 रूपए का है फिर मैंने कहा कि अबे मादरचोद अच्छा सुन ये आम इसके बाद अब कभी नहीं मिलेगा अब बता कितने का है ? तो उसने कहा कि अब ये 100 रूपए का है | फिर मैंने कहा तू रहने दे लौड़े और 400 रूपए देकर मैं रिहाना जी के पास गया | मैंने रिहाना से कहा कि महेंगे में कुछ न मिला तो मैंने सस्ते को ही महंगा कर दिया | तोहफा कबूल करो | एक और हीरो था वहां पर जो मादरचोद मुझसे मुहचोदी कर रहा था | वो मुझे नहीं जानता था इसलिए मादरचोद अपनी होशियारी पेल रहा था | मैं उसके पास गया और एक लौंडे को बुलाया और मैंने कहा कि बता बेटा मार नाम | तो उसने कहा कि सुल्तान मिर्जा | ये सुन के उसकी गांड फट गयी और मुझसे माफ़ी मांगने लगा | फिर मैंने रिहाना से कहा कि मेरे साथ डिनर में चलोगी ? तो उसने जवाब तो नहीं दिया पर मैं उसे ये बोल दिया कि मैं तुम्हारा इन्तजार तुम्हारी मनपसन्द होटल में करूँगा | एक हफ्ते से मैं उसका इंतजार कर रहा था पर वो मादरचोद आई नहीं | 8 दिन भी मै इन्तजार किया तो वो आई और मेरे सामने आ कर बैठी | ऐसे ही थोड़ी बहुत मुहचोदी हुई तो मैंने उससे पूछा कि मेरे साथ चुदाई करोगी ? तो उसने कहा कि हाँ पर अभी नहीं मैं कल करुँगी |

    अगले दिन वो मेरे घर आई तो मैंने उससे कहा कि तुम तो सही में चुदक्कड़ हो | मैंने पूछा और तुम चुदने चली आई | तो उसने कहा कि हाँ मैंने सोचा कि क्यू न किसी डॉन का लंड ले के देखू | इतना सुना ही था कि मैंने उसके होंठ में अपने होंठ रख दिया और उसके होंठ को चूसने लगा | वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगी | उसके बाद मैंने उसके कपडे उतार कर उसे नंगा कर दिया और उसने भी मेरे कपडे उतार कर नंगा कर दी | अब हम दोनों ही नंगे थे | फिर मैं उसके दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर के बाल को सहलाने लगी | उसके बाद हम दोनों मेरे बेडरूम में गए और उसने मुझे बेड पर लेटा दिया | अब वो मेरे लंड को चाटने लगी मेरी छाती पर हाँथ फेरते हए और मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी |

    फिर उसने अपने मुंह में लंड को डाल लिया और उपर नीचे करते हुए चूसने लगी | मैं भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हए मजे लेने लगा | फिर मैंने उसे लेटा दिया और उसकी चूत पे अपनी जीभ रख कर चाटने लगा | तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर को अपनी चूत पे दबाने लगी | फिर उसने मुझसे कहा कि अब चोद दो रहा नहीं जा रहा है | तो मैंने उसकी चूत में अपना लंड टिकाया और एक ही झटके में पूरा लंड डाल दिया | चुदक्कड़ तो थी इसलिए दिक्कत नहीं हुई डालने में | अब मैं जोर जोर से झटके मारते हुए उसकी चूत चोदने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपने दूध को मसलने लगी | करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसके मुंह में अपना माल झड़ा दिया | उसके बाद रिहाना मेंरे ही घर में रहने लगी और हम दोनों रोज चुदाई करने लगे | हम दोनों शादी करना चाहते थे |

    अब मैं और रिहाना प्यार में बंध गए | हम दोनों के चर्चे अखबार में और टीवी में चलने लगे | मैं भी रिहाना की मूवी में पैसा लगाने लगा | हम दोनों सुखी सुखी अपना जीवन जीने लगे थे कि तभी कहानी में एक ऐसा पडाव आया कि सब तहस नहस हो गया |

    तो दोस्तों ये थी मेरी अधूरी कहानी जिसको मैं अगले भाग में भी लिखूंगा | उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आई होगी | आप सभी का मेरी कहानी पढने के लिए शुक्रिया |

    2016 Best Telugu Sex Stories
     
Loading...