मेरी रंडी भाभी जान

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 9, 2017.

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    प्रेषक : विनय .

    हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनय है। में सूरत का रहने वाला हूँ। अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। में स्मार्ट गुड लुकिंग बॉय हूँ, मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच है, वजन 70 किलोग्राम, गुड बॉडी और लम्बा और गर्म लंड। मेरी उम्र 23 साल है। दोस्तों मेरी स्टोरी कुछ इस तरह है, यह स्टोरी आज से 6 महीने पहले की है जब हमारे बाजू में एक कपल रहने आया था। उनकी शादी हुए 10-11 महीने हुए थे, लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं था और वो करीब मेरी उम्र के ही होंगे, उनके पति का कुछ इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनस था। फिर थोड़े दिन रहने के बाद उनकी हमारी जान पहचान हो गई और हमारा उनका आना जान हो गया था। फिर करीबन थोड़े दिनों के बाद उन भाभी और मेरी दोस्ती हो गई, वो बहुत सेक्सी थी वैसे भाभी का फिगर 34-28-34 होगा। उसके बूब्स बड़े-बड़े थे और सेक्सी थे। जब वो चलती थी तो उसके बूब्स हिलते होते थे। यह देखकर कोई भी मचल जाए। उसका पति अक्सर महीने में 15-20 दिन बाहर रहता था और में जब भी उसके घर पर जाता तो उसको देखता ही रहता था और उसको चोदने की सोचा करता था कि काश इसको चोद सकूँ और घर आकर मुठ मारता था। में उसके बूब्स और गांड के बारे में सोच-सोचकर मुठ मारा करता था।

    अब में जब भी उसके घर जाता था, तो उसे देखकर मुझे ऐसा लगता था कि वो उदास-उदास रहती है। फिर एक दिन जब में उसके घर गया, तो उसका घर का दरवाजा खुला हुआ था और में डोरबेल बजाए बगैर ही उसके घर में अंदर चला गया। फिर मैंने देखा कि उसके घर में कोई नहीं है, शायद वो बाथरूम में थी, तो में सोफे पर जाकर बैठ गया। फिर तभी मैंने देखा कि वहाँ एक सेक्सी बुक पड़ी थी तो मैंने उसको उठाकर देखा तो उसमें सेक्सी पिक थे, वो सारे पिक मर्द के थे और सारे मर्द के लंड बड़े-बड़े थे। अब में यह सब देखकर एकदम गर्म हो गया था और फिर मैंने वही पर वो बुक रख दी। अब भाभी बाथरूम में थी, तो में उसकी तरफ चल पड़ा और बाथरूम में कहाँ से देखा जाए? यह देखने लगा था।

    फिर जब मैंने बाथरूम में देखा, तो भाभी पूरी नंगी होकर नहा रही थी और अपने सारे बदन पर साबुन लगाकर अपने बूब्स और चूत को रब कर रही थी। अब यह सब देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था। अब भाभी अपनी चूत में अपनी 2 उंगलियाँ अंदर बाहर कर रही थी और हल्की-हल्की मौन कर रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद उसकी उंगलियाँ ज़ोर-जोर से चलने लगी, तो में समझ गया कि वो अब झड़ने वाली है। फिर तब में वहाँ से हट गया और यह देखकर तुरंत अपने घर पर आ गया और अपने रूम में आकर अपनी पेंट उतारकर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगा।

    अब मुझे पता लग गया था कि भाभी को क्या चाहिए है? और फिर यह सोचने लगा कि भाभी को कैसे चोद सकता था? क्योंकि इस बीच उसका पति भी 7 दिन के टूर पर बाहर जाने वाला था। तो तब मुझे लगा की भाभी को चोदने का यही सही मौका है। फिर टूर पर जाते समय उसके पति ने कहा कि 1 हफ्ते के लिए तुम इसका ख्याल रखना। फिर तभी भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं यह मेरा और में इसका ख्याल रखूंगी। फिर पहले दिन रात को भाभी के घर पर खाना खाने के बाद मैंने भाभी को मेरे फ्लेट की चाबी दी और कहा कि काश मॉर्निंग में मुझे उठने में देरी हो जाए, तो प्लीज आप मुझे उठा देना। फिर भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं, में तुमको उठा दूँगी और फिर में उन्हें चाबी देकर अपने फ्लेट पर आ गया और मॉर्निंग में जब उठा तो मेरा लंड हार्ड था। अब में भाभी के बारे में सोचने लगा था फिर मेरा लंड और हार्ड हो गया था। तो तभी मैंने अपना शॉर्ट उतारा और भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दी। अब में मुठ मारने में मशगुल था। फिर तभी अचानक से मेरे बेडरूम में भाभी मुझे उठाने आ गई। अब में मुठ मारने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई थी?

    फिर उसने मुझे देखा और कहा कि क्या कर रहे हो? तो में एकदम से घबरा गया और अपना शॉर्ट पहनने लगा। फिर भाभी मुस्कुराई और कहा कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है, इतने बड़े लंड को हिला-हिलाकर क्यों तंग कर रहे हो? तो मैंने भाभी से कहा कि यह मुझे बहुत तंग करता है इसलिए हिला रहा हूँ। फिर उसने कहा कि में इसका आज तंग करना बंद करवा दूँगी। अब में भाभी के सामने अपना 8 इंच का लंड दिखा-दिखाकर अपने हाथ से हिलाने लगा था। अब मेरा 8 इंच का लंड फनफनाकर खड़ा हो गया था। फिर भाभी मेरे खड़े लंड को देखती हुई बोली कि सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लम्बा और मोटा है। उस लड़की को बहुत मज़ा आएगा जो तुमसे चुदवाएगी। फिर इस पर मैंने अपना लंड उनकी तरफ कमर हिलाकर बढ़ाते हुए बोला कि आप ही चुदवाकर देख लो कि कितना मज़ा आता है? तो मेरी यह बात सुनकर भाभी बोली कि हाए अगर मेरे पति को पता चल गया तो बहुत ही बुरा होगा।

    फिर मैंने कहा कि जब हम किसी को नहीं बताएगें तो किसी को कैसे पता चलेगा? तो यह सुनकर भाभी मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और अपने होंठो पर अपनी जीभ फैरने लगी थी। अब मुझे मालूम हो गया था कि भाभी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती है, लेकिन पहल मेरी तरफ से चाहती है। फिर मैंने थोड़ा आगे बढ़कर उनकी चूचीयों पर अपना एक हाथ रख दिया और उन्हें धीरे-धीरे सहलाने लगा। फिर भाभी कुछ नहीं बोली और बस मुस्कुराती रही, तो तब मैंने उनकी नाइटी उतार दी। अब भाभी मेरे सामने सिर्फ़ ब्लेक ब्रा और गुलाबी पेंटी पहने अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए आधी नंगी खड़ी थी। फिर मैंने उसकी ब्रा निकाल फेंकी। अब में उनकी गोल-गोल चूची देखकर हैरान हो गया था और उनकी चूची कुछ लम्बे आकर की थी, लेकिन बिल्कुल तनी हुई थी।

    फिर मैंने धीरे से उनको अपनी बाहों में ले लिया और उनकी चूचीयों पर अपनी पकड़ मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर मसलने लगा। अब मैंने भाभी को अपनी बाहों में भरकर कसकर जकड़ लिया था। अब भाभी भी मुझको अपने दोनों हाथों से पकड़े हुई थी। फिर में उनके दोनों होंठो को अपने होंठो के बीच में लेकर चूसने लगा। अब भाभी भी मेरी बाहों में आधी नंगी खड़ी-खड़ी मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़कर अपने होंठ चुसवा रही थी और अपनी चूची मसलवा रही थी। फिर धीरे-धीरे भाभी ने मेरे हाथों से निकलकर मेरी बनियान उतार दी। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डालकर उसकी चूत को अपने हाथ में लेकर उसको खूब रगड़ा और फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और उसको अपनी उंगली से चोदने लगा। अब मेरे ऐसा करने से कुछ देर में उसकी चूत गीली हो गई थी।

    फिर थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि अब यह रंडी चुदने को एकदम तैयार है, तो तब मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से बाहर निकाली और उसकी पेंटी को उसके बदन से अलग कर दी। अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे खड़े थे और एक दूसरे को देख रहे थे। तो तभी भाभी बोली कि राजा तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो, तुम्हारा खड़ा हुआ लम्बा लंड देखने में बहुत ही सुंदर लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसको अपनी चूत में लेकर चुदवाना चाहेगी। फिर में भाभी के पास गया और उसे अपनी बाहों में लेकर उससे पूछा कि मुझे कोई और लड़की या औरत से मतलब नहीं है, क्या आप मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती है? तो तब भाभी बोली कि अरे तुम अभी भी नहीं समझे, में तो कब से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की चुदाई करना चाहती हूँ? अब जल्दी से तुम मुझको चोदो, मेरी चूत में आग लगी है और फिर मेरे पास आई और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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    अब में भाभी की एक चूची अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था और उनकी दूसरी चूची को अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा था। अब भाभी भी बहुत गर्म हो गई थी। फिर उन्होंने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़कर मुझको बेड पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उसको बड़े ध्यान से देखने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो बोली कि वैसे तुम्हारा लंड बहुत ही सेक्सी है, आज मेरी चूत खूब मज़े ले लेकर इस लंड से चुदेगी। अब तुम चुपचाप पड़े रहो, मुझको तुम्हारे लंड का पानी चखना है। फिर तब में बोला कि ठीक है भाभी, जब तक आप मेरा लंड का स्वाद चखोगी, में भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद लूँगा, आइए हम दोनों 69 पोज़िशन पर पलंग पर लेटते है। फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे के पैर की तरफ अपना मुँह करके लेट गये। फिर मैंने भाभी को अपने ऊपर कर लिया। फिर भाभी ने मेरे लंड के सुपाड़े को अपने होठों से लगाकर एक जोरदार चुम्मा दिया और फिर अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और कभी-कभी उसको अपनी जीभ से चाटने लगी।

    अब मुझको अपने लंड की चुसाई से रहा नहीं गया और फिर मैंने अपना लंड भाभी के मुँह में पेल दिया। फिर भाभी मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालती हुई एक रंडी की तरह बोली कि वाह मेरे राजा अभी और पेलो अपने लंड को मेरे मुँह में, बाद में इसको मेरी चूत में पेलना। अब में भाभी को जो कि मेरे ऊपर लेटी हुई थी, उसके दोनों पैरो को फैला दिया था। अब मेरी आँखो के सामने उनकी झांटो वाली चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और मेरा लंड खाने के लिए तैयार थी। अब में अपनी एक उंगली उनकी चूत में पेलकर अंदर-बाहर करने लगा था। फिर तब भाभी ज़ोर से बोली कि क्यों टाईम बर्बाद कर रहे हो? मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए, अभी तुम इसको अपनी जीभ से चोदो और बाद में इसको अपना लंड खिलाना, अब वो तुम्हारा लंड खाने के लिए तरस रही है। फिर तभी में बोला कि क्यों चिंता कर रही हो भाभी? अभी आपकी चूत और मेरा लंड का मिलन करवा देता हूँ। पहले में आपकी चूत का रस चख तो लूँ, देखूं तो भाभी की चूत का टेस्ट कैसा है? सुना है कि सुंदर और सेक्सी औरत की चूत का रस बहुत मीठा होता है।

    फिर तब भाभी बोली कि ठीक है, जो मर्ज़ी में आए करो, अब यह चूत तुम्हारी है, इससे जैसे चाहे मज़े ले लो, हाँ एक बात और जब हम एक दूसरे को चोदने के लिए तैयार है और एक दूसरे की चूत और लंड चाट रहे है, चूस रहे है, तो तब यह आप आपका क्या लगा रखा है? तुम मुझको नाम लेकर पुकारो और आप आपकी रट छोड़ो। फिर मैंने देखा कि उनकी चूत मेरा लंड खाने के लिए खुल बंद हो रही है और अपनी लार बहा रही है और अब उनकी चूत बाहर और अंदर से रस से भीगी हुई थी। फिर मैंने जैसे ही अपनी जीभ भाभी की चूत में डाली तो वो चिल्लाने लगी, हाए क्या चीज बनाई है भगवान ने? चूसो- चूसो और ज़ोर से चूसो मेरी चूत को और अंदर तक अपनी जीभ डालो, हाए मेरी चूत की घुंडी को भी चाटो, बहुत मज़ा आ रहा है, हाए अब में झड़ने वाली हूँ और इतना कहते ही भाभी की चूत ने गर्म-गर्म मीठा रस छोड़ दिया, जिसको कि में अपनी जीभ से चाटकर पूरा का पूरा पी गया था।

    अब उधर भाभी अपने मुँह में मेरा लंड लेकर उसको खूब ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी और फिर थोड़ी देर के बाद में भी भाभी के मुँह में ही झड़ गया। फिर मेरे लंड का पूरा का पूरा पानी भाभी के मुँह के अंदर गिरा और वो उसको पूरा का पूरा पी गई थी। अब भाभी का चेहरा चमक रहा था और फिर वो मुस्कुराती हुई बोली कि चूत चुसाई में बहुत मज़ा आया, अब चूत चुदाई का मज़ा लेना चाहती हूँ, अब तुम जल्दी से अपना लंड चुदाई के लिए तैयार करो और मेरी चूत में पेलो, अब मुझसे रहा नहीं जाता है। फिर मैंने भाभी को पलंग पर सीधा करके लेटा दिया और उनके दोनों पैरो को ऊपर उठाकर घुटने से मोड़ दिया। फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा खोलकर उनकी चूत के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे उनकी चूत से रगड़ने लगा।

    अब भाभी बिना चुदाई के अपनी कमर नीचे ऊपर कर रही थी और फिर थोड़ी देर के बाद बोली कि साले बहनचोद फ्री में पराई औरत की चूत चोदने को मिल रही है इसलिए खड़ा लंड मेरी चुदासी चूत को दिखा रहा है और उसको मेरी चूत के अंदर नहीं पेल रहा है, साले, भोसड़ी के, गांडू, अब जल्दी से अपना मूसल जैसा लंड मेरी चूत में घुसा नहीं तो हट जा मेरे ऊपर से, में खुद ही अपनी उंगली चूत में डालकर अपनी चूत की गर्मी निकालती हूँ। फिर तब मैंने उनकी चूचीयों को पकड़कर उसके निप्पल को मसलते हुए उनके होठों को चूमा और बोला कि अरे मेरी रानी, इतनी भी जल्दी क्या है? जरा में पहले तुम्हारे इस सुंदर नंगे बदन का आनंद उठा लूँ, उसके बाद फिर तुम्हें जी भरकर चोदूंगा। मैंने अब तक अपनी लाईफ में कभी इस तरह से नंगी औरत नहीं देखी है। फिर इतना चोदूंगा कि तुम्हारी यह सुंदर सी डबल रोटी सी चूत लाल पड़ जाएगी और सूजकर पकोड़ी हो जाएगी।

    फिर तभी भाभी बोली कि साले चोदूं मेरी जवानी के मजे तुम बाद में लेना, उसके लिए अभी पूरी रात पड़ी हुई है, अभी मुझको घर पर काम है, अभी तो बस मुझको चोदो, में मरी जा रही हूँ, मेरी चूत में आग लगी है और वो तुम्हारे लंड के धक्के से ही जाएगी। अब जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में पेल दो, प्लीज मेरे राजा, अब जल्दी भी करो। अब भाभी की यह सब सेक्सी बातें सुनकर में बहुत खुश हो गया था और समझ गया था कि अब यह मुझसे रंडी की तरह चुदेगी। अब भाभी मेरे लंड से चुदाने के लिए पूरी तरह से तैयार थी। फिर मैंने अपना सुपाड़ा उनकी पहले से भीगी चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से अपनी कमर हिलाकर सिर्फ़ अपने सुपाड़े को अंदर कर दिया। फिर भाभी ने मेरा फूला हुआ सुपाड़ा अपनी चूत में घुसते ही अपनी कमर को झटके से ऊपर की तरफ उछाला तो मेरा 8 इंच का लंड पूरा का पूरा उनकी चूत में घुस गया। तब भाभी ने एक आह सी भरी और बोली कि आह क्या शांति मिली है तुम्हारे लंड को अपनी चूत में डलवाकर? यह अच्छा हुआ मुझे बहुत दिन से किसी लंबे लंड से चुदने की इच्छा थी, आज वो पूरी हो गई, नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती।

    फिर में अपना लंड धीरे-धीरे उनकी चूत में अंदर-बाहर करने लगा। उन्होंने अपनी चूत में कभी इतना मोटा लंड पहले कभी नहीं घुसाया था, शायद उसके पति लंड छोटा होगा इसलिए उन्हें कुछ तकलीफ हो रही थी। अब मुझे भी उनकी चूत काफ़ी टाईट लग रही थी और अब में मस्त होकर उनकी चूत को चोदने लगा था। अब भाभी मेरी चुदाई से मस्त होकर बडबड़ा रही थी कि हाए मेरे राजा, मेरे राजा और पेलो और पेलो अपनी भाभी की चूत में अपना मोटा लंड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लंड खाकर निहाल हो रही है, हाए लम्बे और मोटे लंड की चुदाई का मज़ा ही कुछ और होता है, बस मज़ा आ गया, हाँ-हाँ तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल-उछालकर मेरी चूत में अपना लंड आने दो, मेरी चूत की चिंता मत करो, फट जाने दो आज उसको।

    फिर मेरी चूत को भी बहुत दिनों से मोटा और लम्बा लंड खाने का शौक था। उसको और ज़ोर ज़ोर से खिलाओ अपना मोटा और लम्बा लंड। अब में भी ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूत में अपना लंड पेलते हुए बड़बड़ाता जा रहा था कि हाए मेरी रानी, ले ले और ले, जी भरकर खा अपनी चूत में मेरे लंड की ठोकर, मेरी किस्मत आज बहुत अच्छी है जिससे में तुम्हारी जैसी औरत की चूत में अपना लंड डालकर चोद रहा हूँ, क्या मेरी चुदाई तुम्हें पसंद आ रही है? सही-सही बताना भाभी? कौन अच्छा चोदता है तुम्हारी रसीली चूत, में या आपका पति? तो तब भाभी बोली कि हाए राजा, अब में तुमको क्या बताऊँ? में तुम्हारी चुदाई से बहुत खुश हूँ, मेरा पति तो मुझको चोदता है, लेकिन तुम्हारी और उनकी चुदाई में बहुत फ़र्क है, वो रोज सोने से पहले बिस्तर पर लेटकर झट से मुझे नंगी करके मेरी टाँगों को उठाता है और अपना लंड मेरी चूत में पेलता है। उसको इस बात का एहसास नहीं होता है कि औरत गर्म धीरे-धीरे होती है, लेकिन वो 2 मिनट चोदता है और फिर झड़ जाता है और में रोज प्यासी ही रह जाती हूँ। मुझे लगता है कि तुम्हारा लंड खाने के बाद मेरी चूत उनका लंड खाना पसंद नहीं करेगी, क्योंकि अब तुम्हारे लंड से मेरी चूत फैल जाएगी और उसमें उनका पतला और छोटा लंड ढीला-ढीला जाएगा, जिससे कम से कम मुझको तो मज़ा नहीं आएगा।

    फिर तभी मैंने भाभी से पूछा कि भाभी सही-सही बताना तुमने शादी के पहले भी किसी लंड को अपनी चूत में घुसाया है या नहीं? तो तब भाभी बोली कि हाँ मेरे जय, जो आजकल मुंबई में है और उसकी शादी किसी और लड़की से हो गई है, उसने मुझको मेरी शादी से पहले भी चोदा है, लेकिन उनके लंड की चुदाई मुझको पसंद नहीं आई थी। तो मैंने पूछा कि क्यों? तो तब भाभी बोली कि अरे उनका लंड बहुत छोटा और पतला है, लेकिन वो मुझे चोदने के पहले और चोदने के बाद खूब मेरी चूत चाटा और चूसा करते थे और उनकी चूत चुसाई मुझे बहुत अच्छी लगती थी। वो शादी से पहले जब भी दिल्ली आते थे, तो मेरी चूत जरूर चोदते थे, लेकिन अब तो उनकी शादी हो गई है। फिर यह सब बातें करते-करते हुए हम लोग चुदाई का मज़ा लेते रहे और अब मेरी चुदाई से भाभी दो बार झड़ गई थी और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत में अंदर तक डालकर उनकी चूत के अंदर ही अपना लंड झाड़ दिया और फिर में उनके ऊपर ही सो गया। फिर कुछ देर के बाद भाभी ने बेड से उठकर अपने कपड़े पहन लिए और मुझे गाल पर किस करके बाद में मिलने का वादा करके अपने घर चली गई ।।

    धन्यवाद .

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