मेरी बीवी के यार ने मेरे सामने मेरी बीवी को चोदा

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Jan 9, 2017.

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    हेलो दोंस्तों, मैं किशन आपको अपनी आपबीती सुना रहा हूँ। ये 2 साल पहले की बात है। मैं बहुत ही भोला भाला था। मैं कुछ नहीं जानता नहीं था। मैं बुर चोदन और चूत चोदन से अंजान था। जब मैं किसी लड़की को किसी लकड़े के साथ हाथ में हाथ डालते हुए देखता था तो यही मानता था कि ये दोनों भाई बहन होंगे और एक दूसरे को राखी बांधते होंगे। पर दोंस्तों, मैं ये बात नहीं जानता था कि जो लड़की किसी लड़के के साथ हाथ में हाथ डालकर माल, बाजार, और पार्को में घूमती है वो बन्द कमरे में नँगी होकर उस लड़के से खूब चुद्वाती है। लड़कियों को मैंने हमेशा मुस्कुराते हस्ते ही देखा था। पर मैं उनके दूसरे रूप से अंजान था।

    जब मेरे दोंस्तों मुझसे चुदाई की बाते करते थे तो मैं
    शरमा जाता था। जब वो मुझको bf पिक्चर दिखाते थे तो मैं सायद इसको बुरा मानता था। मैं नहीं देखता था। साथ ही दोंस्तों मैं बहुत डरपोक था। कोई लड़का मुझे कुछ कह देता था तो मैं कुछ नही कहता था। वहां से भाग जाता था। धीरे धीरे मेरी छवि एक ऐसे डरपोक लड़के की बन गयी। मेरे सब दोस्त कहते की किशन की शादी जब होगी तो ये तो उसको सम्भाल नहीं पाएगा। इसकी बीवी को तो कोई और ही चलाएगा। अरे ये तो मुठ मारना भी नहीं जानता। ये किशन क्या अपनी बीवी को चोद पाएगा। धीरे धीरे मैं ऐसा ही भीरु आदमी बन गया।

    असल में मैं सेक्स से बहुत डरता था। कई किताबो में मैंने पढ़ रखा था कि मुठ मारने से मरदाना कमजोरी हो जाती है। जब बीवी आती है तो आदमी का लण्ड खड़ा नहीं हो पाता। बस दोंस्तों इसी डर के कारण मैंने कभी मुठ नहीं मारी ना कभी सिखने की कोसिस की। मैंने इसी तरह सेक्स से डरता चला गया। धीरे धीरे मेरे दिल में इसको लेकर एक वहम बन गया। जब कोई लड़की मुजसे बात करती या मिलने की कोसिस करती तो मैं घबरा जाता। मैं वहां से भाग जाता। इस तरह धीरे धीरे दोंस्तों मुझको सेक्स फोबिया हो गया। कुछ महीनो बाद मेरी शादी हो गयी। मेरी बीवी का नाम संजना था।

    इत्तिफ़ाक़ से मेरी बीवी मुझसे भी अधिक हट्टी कट्टी और पहलवान टाइप थी। मैं जहाँ 50 किलो का दुबला पतला मर्द था, वहीँ मेरी बीवी 80 किलो की भारी भरकम औरत थी। जब हमारी सुहागरात हुई तो मेरी बीवी जल्दी से कपड़े उतार के बिस्तर पर आ गयी। परंपरा के मुताबिक उसने मुझे केसर वाला दूध भी पिलाया।
    आ जाइये!! वो नँगी होकर अपने दोनों पैर खोलकर लेट गयी। मैं थर थर काँपने लगा।
    क्या हुआ जी!। संजना बड़े भोली आवाज में बोली
    वो!! मुझे चूत मारना नहीं आता है! मैंने डरते डरते कहा।

    कोई नहीं जी! कोई बहुत कठिन बात थोड़ी नहीं है! मैं आपको सिखा दूंगी! वो बोली। मैं कपड़े उतारकर उसके पास बैठ गया। वो अपने हाथों से मेरे लण्ड को लेकर मुठ नारने लगा। आधे घण्टे हो गए पर दोंस्तों मेरा लण्ड खड़ा नही हुआ। ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है.
    चल खड़ा हो जा!! खड़ा हो जा भगवान!! मैंने मन ही मन कहने लगा। पर भोसड़ी का लण्ड था कि क्या था। खड़ा होने का नाम ही नहीं ले रहा था।
    परेशान ना हो जी!! मैं अभी मुँह से चूसकर खड़ा कर देती हूँ। संजना बोली।
    वो मेरा लण्ड अपने हसींन होंठों से चुसने लगी। उधर मैं ऊपर वाले से दुआ कर रहा था कि खड़ा हो जा!! खड़ा हो जा! पर लण्ड बिलकुल लण्ड था। खड़ा ही नहीं हो रहा था।

    मेरी बीवी संजना बड़ी उदास हो गयी। वो जान गयी की मैं चक्का हूँ। पर उसको आस थी की अगले दिन मेरे लण्ड जरूर खड़ा हो जाएगा। पर नही हुआ। संजना अब बड़ी टेंशन में आ गयी। अगले दिन मेरी भाभियों से उसको बुलाया और मजाक में बोली
    बहू!! कैसा रहा प्रोग्राम!! देवर जी तुझको ठीक से ले पाते है?? सन्तुष्ट कर पाते है?? कब दे रही है हमको पोता?? मेरी भाभियां तरह तरह के सवाल जवाब करने लगी। संजना ने उसको नहीं बताया कि मैं हिजड़ा हूँ। मेरा खड़ा नही हुआ। और ना ही मैं उसको ले पाया। मेरी बीवी नहीं चाहती थी की मेरी बेइज्जती सबसे सामने हो जाए। एक महीने बाद वो मायके चली गयी। बेचारी हर रोज नँगी होकर पैर खोलकर लेट जाती पर मैं उसको एक बार भी नहीं ले पाया था। दोंस्तों, इसी गम में मैंने शराब पीने लगा था।

    2 महीने बाद मेरी बीवी संजना मेरे घर आ गयी थी। दिन भर तो वक्त खुसी खुशि बीत जाता था। पर रात होंते ही हमदोनो के बीच एक दिवार सी खिंच जाती थी। अब संजना मुँह मोड़कर मुझसे दुरी बनाकर सो जाती थी। मैं पछतावे से भर जाता था। कास मैं अपने दोंस्तों की सेक्सी चुदाई की कहानियाँ सुनता तो वो मुझको मुठ मारना, बुर चोदना, गाण्ड मारना, मुँह चोदना सब सिखा देते। और इसी तरह मुझको सेक्स फोबिया हो गया। मैं अंदर ही अंदर घुटता चला गया। धीरे धीरे ऐसा हो गया कि बिना शराब पिए मुझको नींद नहीं पड़ती थी। बार बार दोंस्तों की वो बात याद आती थी किशन की बीवी को तो कोई और चलाएगा! ये गाण्डू कभी अपनी बीवी को नहीं ले पाएगा!

    मैं अब तो मेरा सुसाइड करने का मन करता था। घर में एक जवान हसीन बीवी थी, पर मैं उसकोनहीं पाता था। अब तो मैं मरने के बारे में सोचने लगा। फिर एक दिन संजना ने कहा कि उसको 10 हजार चाहिए, शॉपिंग करनी है। मैंने अपना एटीएम कार्ड दे दिया। संजना रात में 10 बजे लौट कर आयी।
    संजना! कहाँ थी तुम?? मैंने पूछा
    बताया था ना की शॉपिंग जा रही हूँ! वो बोली
    पर तुम तो सुबह 10 बजे निकल गईं थी?? कहाँ थी इतनी देर?? मैंने पूछा।
    वो जानने की तुमको जरूरत नहीं है! वो बोली और अंदर कपड़े चेंज करने चाली गयी।

    दोंस्तों, इस तरह वो आये दिन शॉपिंग पर जाने लगी। कभी 5 हजार खर्च करती, कभी 10 हजार। 1 महीने से उसने 60 हजार उड़ा दिए। मेरी तो गांड़ ही फट गयी। कहाँ मैं पहले मरने के बारे में सोच रहा था। अब तो मैं वैसे ही मर गया। मुजें संजना पर शक होने लगा। धीरे धीरे वो फोन लेकर बाथरूम में घुझ जाती और घण्टों 2 बात करती। मैंने एक दिन उसका फोन चुपके से चेक किया। वो किसी नम्बर पर घण्टों बात बात करती थी। मैंने काल बैक कर दी संजना के उसी फ़ोन से।
    हेलो जान कैसी हो?? और सुनाओ। तुम्हारा वो छक्का मर्द कैसा है?? और बताओ किस दिन चूत दोगी मुझको?? बड़े दिन से लण्ड तुम्हारी गुलाबी चूत का प्यासा है! वो आदमी बोला।
    मेरी तो गाण्ड फट गयी दोंस्तों। मेरे दोनों कान गरम हो गए सुनकर। मेरी बीवी किसी और मर्द से चुदवा रही थी। मैंने उसके फ़ोन की और जासूसी की। मुझे गैलरी में उसके उस मर्द के साथ चुद्ववाते , गाण्ड मरवाते, मुँह चुदवाते फोटो मिली।

    दोंस्तों, मेरा खून खौल गया ये फोटो देखकर। कुछ देर बाद संजना आयी। मैंने उसको फोटो दिखाई।
    संजना!! क्या है ये सब?? कौन है ये आदमी?? तुम इसके साथ ये सब गंदे काम करती हो? मेरे जीते जी तुम ये नहीं कर सकती? मैंने कहा और संजना पर हाथ उठा दिया। उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। वो बिल्ली जैसी खूंखार नजरों से मुझको घूरने लगी।
    सुन किशन! मैंने उससे चुदवाया है और हर हफ्ते चुदवाऊंगी। क्योंकि गाण्डू तू हिजड़ा है! वो बोली। दोंस्तों विस्वास नही हुआ की मेरी औरत मेरी की रोटी पर पलती है और मुझको ही गालियाँ दे रही थी। मैंने सोच लिया की इस रंडी को आज मार दूँगा। मैंने 2 3 झापड़ और लाते उसको मार दी। वो कुछ नहीं बोली।

    एक हफ्ते बाद मेरी बीवी का आशिक मुझको बाजार में मिल गया। वो अपने साथ 15 लड़कों को लाया था। उसने मुझे लात घूसों चप्पलों बेल्ट जो जो उसको मिला उसने मुझको बहुत मारा दोंस्तों।
    साला हिजड़ा!! एक तो अपनी बीवी की चूत नही ले पाता है। ऊपर से उसको मरता है!! साले मैं तुझको जान से मार दूँगा!! मेरी बीवी का आशिक बोला। पर पता नही कहा से पुलिस आ गयी। वो अपने लड़कों के साथ भाग गया। जब घर आया तो सब लोक पूछने लगे की ये क्या हो गया। मैंने कहा की एक्सीडेंट हो गया है। अब दोंस्तों, मैं अपनी बीवी से बहुत डरने लगा। मुझे मार खिलाने के बाद अब तो उसका मनोबल और बढ़ गया। वो मेरे सामने ही अपने आशिक से बात करती। खूब जोर जोर से हँसती, मुस्कुराती, और मैं कुछ नही कर पाया।

    एक दिन मैंने उसका फोन जमीन पर पटक दिया। वो गुस्सा हो गयी।
    मुझको नया फोन लाकर दो! वरना मैं माँ और पापा जी को बता दूंगी की तुम हिजड़े हो! वो बोली और बाहर जाने लगी। मुझे झुकना पड़ गया। वरना मेरा राज वो खोल देती। शाम में मैं खुद बाजार गया और नया फोन उसको लाकर दिया। अब चाहते हुए भी मैं कुछ नही कर पाता था। अब संजना मुझको ब्लैकमेल करने लगी। फिर एक दिन दोपहर में मैं एक पार्क से मोटरसाइकल से गुजरा। मैंने देखा की मेरी बीवी अपने आशिक के साथ एक झाड़ी में बैठी थी और चुम्मा चाटी कर रही थी। मैं रुक गया और वही उन दोनों की हरकतें देखने लगा। धीरे धीरे वो दोनों एक पेड़ की ओट में चले गए। उसने मेरी बीवी के पेटीकोट ऊपर उठा दिया। चड्ढी निकाल के उसकी बुर पीने लगा।

    फिर वो मेरी बीवी को चोदने लगा। मेरी आँख में आँशु आ गए। क्योंकि आज ये सब जो मुझको देखने को मिला उसके लिए मैं ही जिम्मेदार था। रात में संजना घर लौट आयी।
    अरे बेटी!! कहाँ थी तू सारे दिन?? मेरी माँ ने संजना से पूछा
    माँ जी! मंदिर गयी थी! संजना बोली। पर दोंस्तों सच्चाई तो मैं ही जानता था कि वो छिनाल पार्क में चुदवा रही थी। अब धीरे धीरे संजना का डर दूर हो गया। अब वो खुले आम अपने यार से मिलने लगी। कुछ दिनों बाद तो गजब ही हो गयी।

    एक दिन रात के 12 बजे जब घर में सब सो रहे थे, संजना ने अपने आशिक को घर में अंदर कर लिया और मेरे बेडरूम में ले आयी। मैंने आपत्ति की।
    संजना ये क्या है?? इसको यहाँ क्यों लायी?? मैंने गुस्साकर कहा।
    किशन मैं भी इससे बाहर मिल मिलकर थक चुकी हूँ। आज से ये हर रात 12 बजे आएगा और मुझको चोदेगा!! अगर मना करोगे तो मैं मैं सबको बता दूंगी की तुम नपुन्सक हो! वो बोली।
    दोंस्तों मैं सारी रात रोता रहा और उसका यार मेरे सामने मेरी बीवी को चोदता रहा। उस रात उसने मेरी बीवी को 6 बार मेरे सामने चोदा। और उसकी गाण्ड भी मारी। पर मैं कुछ नही कर पाया। बस रोता रहा और तमाशा देखता रहा। अब 7 महीने हो गए है। संजना के आशिक ने चोद चोदकर उसको पेट से कर दिया है। मेरे घर में सब बड़े खुश है, और मुझको बधाई दे रहे है कि मुबारक हो!! तुम बॉप बनने वाले हो। अब दोंस्तों, आप ही बताये की मैं क्या करूँ?

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