बेटे से चूत की गर्मी शांत करवाई

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 13, 2017.

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    बेटे से चूत की गर्मी शांत करवाई

    Bete se chut ki garmi shaant karwai:
    हेल्लो फ्रेंड्स कैसे हो आप लोग | आशा करती हू की ठीक ही होगे | आज मैं आपकी अपनी रोहनी अपने ही जीवन पर बीती एक कहानी आप लोगो को बताने जा रही हूँ | तो चलिए दोस्तों मैं आप लोगो को कहानी की ओरले चलती हूँ |

    मैं 31 साल की हूँऔर एक बैंक में जॉब करती हूँज़िंदगी काफी अच्छी चल रही थी |पति के पास नहीं जा पाती हूँक्यों की वो विदेश में हैवो दो साल में एक बार आते हैसब कुछ है पर सिर्फ सेक्स की भूंकि थीक्यों की दो साल में सिर्फ 1 महीने के लिए ही मैं रंगरलियां मना पाती थीबाकी ज़िंदगी तो झंड थी| मेरा जिस्म मुझे बहका रहा थाजब भी रात को सोती थी तो मुझे दूसरे मर्दो का ख्याल आता थाऔर मेरे तन बदन में आग लग जाती थी | और अपने आप ही अपनी चूत में ऊँगली दाल कर चोद लेती थी |कभी कभी तो सेक्स की आग ऐसे धधकती थी की मैं बाथरूम में जाके ठन्डे पानी का सहारा लेना पड़ता था चूचियाँ तन जाती थी चूत गरम हो के पिघलने लगती थीऔर सच तो ये था की ये चार साल जब से मैं 35 की उम्र पार की |मेरे शरीर की बनावट और अच्छा हो गया थागांड गोल गोल चूचियाँ बड़ीपेट और कमर सुराही की तरहगोरी तो हूँ हीअपने आप ही मेंटेन करती थी किसी चीज की कमी नहीं थी|सच पूछिये तो आजकल मैं सेक्स बम हो गई थी| मेरा बेटा जो 21साल का हैअभी कॉलेज में जाता हैसलमान खान से काम नहीं लगता है| दोस्तों जब वो 16 साल का हुआ था तभी से मैंने उससे अपने साथ सुलाना बंद कर दिया था पर जब उसका बर्थडे अप्रैल 2015 में हुआ तो मैंने उसे गिफ्ट मांगने के लिए बोलीमैंने कहा मनपसंद गिफ्ट दूंगी इस बार तुझे मैंने सोचा वो जो भी गाडी मांगेगा मैं दूंगी पर उसने मुझे इमोशनल कर दिया था उसने कहा माँ मैं आपके साथ सोना काफी मिस कर रहा हूँ मुझे आप अपने आप से अलग मत करो मेरा आपके सिवा और कौन हैमैं आपके साथ ज़िंदगी में कभी भी साथ नहीं छोड़ना चाहतामैं रो पड़ी और कह दी ठीक है |
    उसके बाद से वो मेरे साथ ही सोने लगामेरे मन में कभी भी कोई ख्याल नहीं आया थाबस वो मेरे साथ सोने लगा थादेर रात तक बात करते और फिर दोनों एक दूसरे को गुड नाईट कहके सो जाते| पर एक दिन सब कुछ बदल गया थारात के करीब 2 बजे मेरी नींद खुलीमैंने देखा कीउसका लंड खड़ा था | और मेरे चूब रहा था यह देख कर मैंने उसको साइड में बढ़ा दिया पर थोड़ी देर बाद वो मेरे पास फिर आ गया और अपने लंड को मेरे गांड में लगा रहा था | दोस्तों मैं भी यह देख कर गरम हो गई थी| औरउसके लंड को पकड़ कर मुठ मारने लगी | थोड़ी देर बाद उसकी भी नींद खुल गयी और वो मेरे ऊपर चढ़ गयाऔर मेरी चूचियाँ दबानेलगा थामेरे होठ को चूस रहा था| और मैं भी बहुत दिनों से गरम थी और मैं भी उसका साथ देतेहुये मेरे मुह से आह आह आः आ हां हाह अ आः आह आः आह आ उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्होह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह आह आ आः आः ओह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह ह्हाह्ह्ह्ह आह आः आः आः आः आः आः आह आह आह आह हुंह उन्ह उन्ह्ह्ह की सिस्कारिया निकल रही थी |फिर अचानक से मेरे दिलमे ख्याल आ गया की ये मैं क्या कर रही हूँ अपने ही बेटे से चुदवा रही हूँ | मैंने उसको मना करते हुए डाट दिया की ये सब ठीक नही है | लेकिन वो इतना गरम हो गया था की मानो जैसे आग | मैंने उससे यह बात ऊपर मन से कही थी गरम तो मैं भी हो गयी थी | तो वह बोला की अब मुझे मत रोको मुझे अब चूत के चोदने का स्वाद लेना है | मैंने उसे एक बार फिर मना किया पर उसने मेरे कोधमकी दे दी की मैं घर से भाग जाऊंगा अगर आपने मुझे ये सब करने से रोका |मैं डर गईमैंने उसको गले से लगा लिया और बोली बेटा तू जो कहेगा वैसा ही मैं करुँगीमैं अपने बेटे को खोना नहीं चाहती थी| फिर मैं सोंचते हुए की ज़िंदगी बहुत छोटी होती हैमैं इसको बर्बाद नहीं करना चाहती थीमैं सोची अगर मैं बेटे के साथ सेक्स नहीं करती हूँ तो मेरा बेटा मेरे हाथ से चला जायेगा और अगर राजी हो जाती हूँ तो बेटा रहेगा |और मेरी चूत की गर्मी भी शांत होती रहेगी |मैंने उसको गले से लगा ली पर वो इतना चूत का भूंका था की वोहैवान हो गया था| वो मेरी चूचियाँ पे टूट पड़ा और मेरे होठ को चूसने लगामैंने भी उसी नदी की धरा में बह गयी मैं भी उसको साथदेनेलगीऔर हम दोनों अपने अपने जिस्म पर के कपडे निकाल दिए और एक दुसरे के साथ चिपके रहे |
    आज मेरे सामने एक जवान लण्ड मुझे सलामी दे रहा था |मेरे तन बदन में आग लग गई थी | मैंने झट से उसके लण्ड को अपने मुह में ले लियाऔर चूसने लगी वो मेरे सर के बाल को पकड़ के लण्ड को अंदर बाहर कर रहा था और मुह से आहा हा हा हां हाह आह आह आह आह हाह आह आया हा हां हां अहाह आ आः आह आह आह आह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह्ह ओह्झ्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह आह आ हां हकी सिस्कारिया निकाल रहा था |थोड़ी देर बाद में हम दोनों बेड पर लेत गये और69 के पोजीशन में आ गएऔर वो मेरी चूत चाट रहा था और मैंने उसके लंड को अपने मुह में रख कर चूस रही थी | और इस बार दोनों के मुह से आह आ आहा हाह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ऊह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह उन्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह ओह्ह्ह उन्ह उन्ह उन्ह आह आ अहाह आः आया हा हाह आः आः आह आहा आह आह आह आः आया हाहाहाह आह ओह्ह ओह्ह इह्ह इह्ह इह्ह आह आ हाह आह आः आ हां हा हाह आह आह आह आया हां हाह आह आह आह आह आ ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह की सिस्कारिया निकाल रहे थे | मेरे बेटे कालण्ड भी क्या मोटा था लगभग 6इंच लम्बाभी था |उसका लंडमेरे मुह में पूरा लण्ड नहीं आ रहा थामैं उसके बदन को महसूस कर रही थी, उसके बाद वो फिर मेरे ऊपर आके मेरी चुचिया को अपने मुह में रख कर चूसने लगा | मैं भी उसके पूरे शरीर को सहला रही थी |पर मैं और ज्यादा बर्दास्त नहीं कर सकती थी मुझे जल्द से जल्द लण्ड चाहिए थामैंने कहा की बेटा अब देर मत कर आज तू इस लंड की भूंकि चूत में अपना लंड डाल कर ठंडा कर दे |फिरमेरे बेटे ने मेरे पैरो को अपने कंधे पर रखके अपना मोटा लण्ड मेरे चूत के बीच में रखा | पहले तो उसने मेरी चूत पर अपना लंड रख कर रगडा और फिर एक ही धक्के में पूरा 6 इंच का लण्ड ने मेरे चूत में डाल दियामैं एक दम से कराह उठी और मन में शोंचा कीआज तक मैं इतना मोटा लण्ड से कभी भी नहीं चुदी थीफिर क्या थामैंने अपनी दोनों टाँगे उसकी कमर में फसा लिया और चुदाई का मजा लेने लगी | जबमेरी चुत ढीली पड गयी चुदते-चुदतेतब मेरे मुह से आह आह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह आह आह ओह्ह ओह्ह उन्ह उन्ह आह आह ओंह ओंह उन्ह ओह्ह ओह्ह आह आह आह आह आह ओह्ह आह आह आह आह आह आह उन्ह उन्ह उन्ह आह आह आह इह्ह इह्ह उन्ह उन्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह आह आह आह आह आह आह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह ओह्ह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह आह की सिस्कारिया निकाल रही थी | थोड़ी देर बाद में वो झड़ने वाला था उसने अपना लंड को निकाल कर मेरे मुह में ही झाड़ दिया | मैं भी उसके लंड को अपने मुह में रख कर चूसने लगी और साफ़ कर दिया | दोस्तों मेरी चूत की गर्मी अभी शांत नही हुई थी और एक बार फिर मैंने उसके लंड को खड़ा किया और उससे एक बार फिर चोदने को कहा |उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड में अपना लंड डाल कर चोदने लगा और मैं उसकी चुदाई का मजा लेते हुई मेरे मुह से कराहने की सिस्कारिया निकल रही थी | उसने मुझे सुभह तक नए नए तरीको से चोदा |
    उसने सुभह तक मुझे लगभग 3-4 बार चोदा और मेरी चूत की और उसने अपने लंड की गर्मी शांत की |
    तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी इस तरह से मैंने अपने बेटे से अपनी चूत की गर्मी शांत करवाई और उसके लंड की भी गर्मी शांत की | आशा करती हूँ की आप लोगो को अच्छी लगेगी |

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