बच्चे के लिए किया सीक्रेट संभोग

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 10, 2017.

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    हेल्लो दोस्तों मेरा Antarvasna नाम मधु हे और आज मैं आप को एक ऐसी बात बताने के लिए आई हूँ जिसका राज आज से पहले सिर्फ तिन लोगों को पता था. और आज की मेरी ये संभोग कथा पढने के बाद आप को भी पता चल जाएगा इसके बारे में. (इसलिए जाहिर हे की मैंने अपना असली नाम नहीं दिया हे आप को).

    मेरी शादी को अब 7 साल से ऊपर वक्त हो गया हे. और अभी तक हमें कोई संतान नहीं हुई थी. मेरे पति को चोदने का बड़ा सौक था और वो ऑलमोस्ट रोज रात को मेरे साथ सेक्स करते थे. दो साल पहले मेरे सब टेस्ट हो चुके थे और सब नार्मल था. लेकिन पति की जांच करवाई तो पता चला की उनके वीर्य में शुक्राणु यानी की बच्चा पैदा करने के जो पुरुष बिज होते हे वो आधे से भी कम थे. डोक्टर ने कहा की ऐसे में बच्चा होने की संभावना हे पर वो आधे से भी कम हे. सास और ननंद के ताने वांझ होने के. और बहार जाओ तो हर कोई जल्दी बच्चे पैदा करने का नुस्खा देता था. कोई कहता था फला बाबा का ताबीज पहनो तो कोई कहता था की वहां उस मंदिर में मन्नत मान लो. कोई कहता की दिन में चोदो, कोई कहता ग्रहण के दिन बहार ना निकलो.

    सच कहूँ तो मैं उब चुकी थी और हताशा में ही थी.

    हमारे घर में एक दूधवाला रोज दूध देने के लिए आता हे. उसका नाम उदय हे और वो एक भैया हे. एक दिन सुबह सुबह पति किसी काम से बहार गए थे. मेरी सास ने मौका देख के ताने मारे. मैं रो रही थी तभी दूधवाला आ गया. मैं पतीली ले के दूध लेने गई तो उदय ने मेरे आंसू देख लिए.

    "क्या हुआ भौजी, कोई विपदा आई जो आप आंसू बहाने लगी?" श्याम बोला.

    मैं: नहीं आप दूध दे दो भैया जी.

    "अरे हमें बताओ शायद हम आप की मदद कर सके." वो बोला.

    मेरी आँखों से फिर से पानी आ गया. और मैंने रोते हुए उसे अपनी दुखियारी बात बताई. पता नहीं कब मैंने रोते हुए उसके कंधे के ऊपर ही अपना सर भी रख दिया.

    तब वो बोला: बीबी जी अगर आप चाहो तो मै आप की मदद कर सकता हु बच्चे के लिए!

    मैं: अब तुम कौन सी जडीबुटी बताओगे मुझे. मैं थक गई हूँ निम हकीम कर कर के.

    वो बोला: कोई जडीबुटी नहीं हे पर इलाज जो हे वो सब से दमदार हे मेरे पास!

    मैं उसे देखने लगी और मैंने कहा, ऐसा क्या है?

    वो बोला: शुक्राणु!

    मैं चौंक पड़ी उसके मुहं से ये शब्द सुन के?

    "मतलब?"

    "मतलब ये की मेरे शुक्राणु बहुत ताकत वाले हे. हमारे गाँव में मैंने दो बाँझ औरतो के साथ संभोग कर के उन्हें माँ बनाया हे."

    "मैंने कहा क्या बकवास कर रहे हो! होश में तो हो ना!"

    "होश में ही हे भौजी, आप की मर्जी हे हम कोई फ़ोर्स नहीं कर रहे हे आप को. जो हमारे मन में था वो बिना मेल के बोल दिए आप को. आप की मदद करने के लिए ही तो! आप सोचना और ठीक लगे मेरी बात तो बता देना. अगर आप 2 महीने की भीतर मिठाई ना खिलाओ तो हम अर्धा सर मुंडवा लेंगे. और दूसरी बात ये हमारी मदद की बात आप के और मेरे सिवा किसी को कभी पता नहीं चलेगी!"

    उसने दूध पतीली में उड़ेल दिया और वो अपनी साइकिल के ऊपर चल पड़ा.

    दोस्तों मैंने पूरी रात उदय की बात के ऊपर गौर किया, कभी इधर करवट ली तो कभी उधर. सारी रात मुझे नींद आई ही नहीं. उसने बताया था की उसके गाँव में वो वांझ औरतों को बच्चा दे चूका था. सास के ताने याद आये की अगर संतान ना हुई तो हम हरीश (मेरे पति) की दूसरी शादी कर देंगे हमें वारिस चाहिए! मैंने सोचा की वैशाली की सलाह लेती हूँ. वो मेरी बेस्ट फ्रेंड हे जो अभी युएसे में रहती हे. मैंने रात में ही उसे फेसबुक पर मेसेज किया. पति के खर्राटे आ रहे थे और मैं वैशाली से सब खुल के बात की. उसने मुझे पूछा की तुझे ये दूधवाला कैसा लगता हे. मैंने कहा वो ठीक ही लगता हे और अनपढ़ गवार सा हे. वो बोली, फिर ठीक हे ना. उसे कह के की तू सिर्फ दो बार सेक्स करेंगी और उस टाइम पर ही तुझे बच्चा चाहिए.

    वैशाली ने कहा तू अपनी गायनेक से मिल ले और अपनी प्रेग्नन्सी के लिए बेस्ट सेक्स के डेज़ जान ले. और उन दिनों में ही तू उदय के साथ संभोग कर!

    वैशाली ने मुझे कहा की देख किसी को ज्यादा बोलना मत ये सब कुछ. मैंने कहा ठीक हे, थेंक्स.

    सुबह उदय के आने से पहले से ही मैं उसका वेट कर रही थी. वो आया और उसकी आवाज देने से पहले ही मैं पतीली ले के दरवाजे पर चली गई. मैंने उस से दूध लिया. उसने मुझे देखा. और बोला, रात भर सोयी नहीं क्या आप भौजी?

    मैंने कहा, नहीं, उदय. एक काम करो मुझे एक घंटे के बाद मिलने आओगे जब माँ जी मंदिर जायेंगी और भैया ऑफिस में.

    उदय बोला, हां हम दूध खपा के लौटते वक्त आते हे.

    सवा घंटे के बाद वो आया तब तक मेरी सास निकल चुकी थी और पति को भी उदय घर के मेन गेट पर ही मिला. पति ने पूछा तो वो बोला की दूध का पैसा लेने को बुलाया हे. वो गंवार था लेकिन समझदार भी. वो आया और दरवाजे के पास ही खड़ा रहा. मैं उसके पास गई.

    वो बोला: बताइए भौजी क्या कहना था आप को?

    मैं थोडा झिझक रही थी उस से बात करने में. मैं निचे देख के अपनी साडी को उंगलीयों से बल देने लगी. वो बोला: आप सोची उस बारे में?

    मैंने हां में सर हिलाया.

    वो बोला, तैयार हो आप?

    मैंने फिर से सर हां में हिलाया और मेरे चहरे के ऊपर मुस्कान भी आ गई.

    उदय एकदम खुश हो गया और बोली, मतलब आपो एकदम रेडी हो ना संभोग के लिए! रातभर ले लेती हो आप?

    मैंने कहा अरे अरे रुको कब करना हे तो मैं बताउंगी तुम्हे, डोक्टर को पूछ के.

    वो बोला, अरे हम कभी भी करेंगे बच्चा हो जाएगा.

    मैंने कहा मैं कल बताती हूँ तुम्हे.

    वो बोला ठीक हे.

    उसी दिन शाम को मैं गायनेक से मिली. उसने मेरी ओव्यूलेशन हिस्ट्री के हिसाब से मुझे चार दिन बताये. मैंने उसे कहा की इसमें से भी दो बेस्ट दिन बताइए. उसने ऐसा ही किया. वो दिन एक हफ्ते के बाद थे.

    रात में मेरे पति ऑफिस से आये तो मैंने उन्हें कहा की मुझे अगले हफ्ते मइके जाना हे दो दिन के लिए.

    वो बोले ठीक हे चली जाना, कुछ फंक्शन हे क्या.?

    मैंने कहा नहीं ऐसे ही बहुत दिनों से जाने को सोच रही थी.

    वो बोले ठीक हे.

    दुसरे दिन मोर्निंग में मैंने अपनी सास को भी बोल दिया.

    सास ने थोड़े ताने मारे पर वो मान गई.

    मैंने शाम को अपनी माँ को कॉल किया और उसे कहा की वैशाली की एक आंटी हे जो डॉक्टर हे और वो कुछ दिन के लिए आई हुई हे. मैं मइके का बहाना कर के ससुराल से उन्हें मिलने जा रहीं हूँ. हरीश का या मम्मी जी का कॉल आये तो संभाल लेना. माँ ने कहा तेरे बाबु जी को बोल के मैं वहां आ जाऊं क्या?

    मैंने कहा नहीं नहीं माँ मैं हूँ ना और वो वैशाली के रिश्तेदार ही हे इसलिए कोई तकलीफ नहीं हे!

    दुसरे दिन उदय को मैंने प्लान बताया और उसे कहा की ये दिन तुम मुझे अपने कमरे पर ले जाना. वो बोला, ठीक हे भौजी.

    और फिर फिक्स दिन को मैं मोर्निंग में उदय के आने से पहले घर से निकल गई. और पार्क के पास एक रेस्टोरेंट में बैठ गई. मैंने अगले ही दिन मार्किट से एक मुस्लिम वाला बुरका ले लिया था जिसमे थी मैं ताकि कोई पहचान ना ले मुझे. उदय दूध खपा के मुझे मिला. उसने रिक्शा वाले को अपना पता बताया और भाडा भी दे दिया उसे. पांच मिनिट में मैं उसके घर में थी. वो एक गरीबों की बस्ती में छोटे से कमरे में रहता था.

    मैंने उदय के लंड को खड़ा करने के लिए एकदम सेक्सी कपडे पहने थे. मेरे कसे हुए ब्लाउज में मेरे सुडोल और सेक्सी बूब्स बहार को निकलने को बेताब से लग रहे थे. उदय ने मुझे ऊपर से निचे तक बहुत बार देखा और बोला, आज तो मैं बहुत चोदुंगा तुम्हे!

    मैंने कहा, मैं भी माँ बनने के लिए तेरे लंड को अपने बुर में डलवा लुंगी!

    मैंने कहा, अब मैं दो दिन तक यही हूँ, जितना चोदना हे चोद लो मुझे. अगर बच्चे की खबर आई तो मैं मुहं मोतियों से भर दूंगी.

    उदय बोला, मुझे कुछ नहीं चाहिए भौजी आप की गोद भर जाए तो हम गंगा नाहा लिए!

    और वो बोला, आप अपने मन से हमें दो दिन के लिए पति मान लो तब बच्चा होने के चान्सिस और भी बढ़ जायेंगे.

    मैंने कहा, हां.

    उसने मेरे गले में लटके हुए मंगलसूत्र को निकाला और फिर उसे बाँधा. और फिर उसके कमरे में पड़े हुए सिंदूर से मेरी मांग भी भर दी. मैं उस से लिपट गई. उसका मर्द जो निचे पेंट में था वो मेरे बदन से लगा और मैंने असली लंड का अहसास किया अपनी लाइफ में पहली बार ही!

    उदय के हाथ अब मेरे ब्लाउज के ऊपर आ गए. और वो एक एक कर के उसके बटन को खोलने लगा. मैंने उसे अपना शरीर समर्पित कर चुकी थी. उसने ब्लाउज को निकाल के कौने में फेंका और मेरी ब्रा को देख के समाईल के साथ बोला, आप की ब्रा काफी महंगी हे बीबी जी. मैंने उसके मुहं को पकड़ के अपने बूब्स पर रख दिया. वो ब्रा के ऊपर से ही मेरे चुन्चो को चूसने लगा और कभी गाल पर तो कभी होंठो के ऊपर किस करने लगा था. उसके मुहं से जर्दा की बास भी आ रही थी. अब उसने मेरे होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा दिया और उसके रस को पिने लगा. मैंने लाईट लिपस्टिक ही लगाईं थी पर वो इतने जोर से किस कर रहा था की लाली निकल के उसके होंठो पर चली गई जैसे. उदय ने अब धीरे से मेरी ब्रा के हुक को खोल दिया., मेरी ब्रा जमीन के ऊपर जा गिरी और मैंने अपने चुन्चों को हाथ से ढंक लिया. उसने बड़े ही प्यार से मेरे हाथों को हटाया. और एक हाथ उसने अपने लंड के ऊपर रखवा दिया. बाप रे उसका लंड कितना बड़ा था!

    उदय ने अपने हाथो से मेरे देसी बूब्स को मसला और फिर वो प्यार से उन्हें चाटने लगा. फिर उसने मेरी निपल्स को एक एक कर के अपने मुहं में भर लिया और चूसने लगा. और फिर वो अपने दोनों हाथो से मेरी छातियों को जोर जोर से दबाने भी लगा था. मेरे मुहं से सिसकियाँ निकल पड़ी.

    उदय ने अब अपने मुहं को बड़ा सा खोला और चुन्ची को अन्दर भर लेने का प्रयास किया. लेकिन मेरी चुन्ची थोड़ी छोटी थी. फिर भी उसने आधे बोबे को मुहं में भर के चूसा. और मैंने उसकी पेंट की जिप के खोल के उसके लंड का मर्दन चालू कर दिया. वो पागलों की तरह मेरे चुचों को चूसने लगा था अब.

    ,मेरे रोम रोम में चुदाई की आग सुलग चुकी थी. अब उदय ने अपने हाथो को मेरी पीठ के ऊपर ले जा के उसे कस लिया. मैं उसकी बाहों में समा गई. फिर वो बोला, भौजी एक बार कह दो की आई लव यु!

    मैंने कहा, आई लव यु उदय!

    ये सुनके तो वो और भी रंग में आ गया.

    वो बोला, अब ऐसे कहो की उदय मेरी चूत में अपना लंड डाल दो.

    मैंने कहा, उदय मेरेर राजा अपने लंड से मेरी प्यासी चूत में पिचकारियाँ मार दो.

    वो हंस के मेरे गले से लग गया. उसका लंड मेरे हाथ से छुट गया.

    अब उदय अपने हाथों को मेरे पेट के ऊपर ले आया. और वो उसे वहां पर हिलाने लगा. फिर उसने धीरे धीरे कर के मेरी साडी को उतार फेंका. और उसके हाथो ने जल्दी से मेरी पेटीकोट का नाडा भी खोल दिया. मेरी ब्लेक पेंटी के अन्दर हाथ डाल के वो मेरी चूत से खेलने लगा. मैं 4 5 दिन पहले शेविंग किया था चूत का. और उसके ऊपर हलके से बाल उग निकले थे वो हाथ घुमाता था तो उसे बालों की वजह से मस्त फिल हो रहा था. मेरी चूत भी अब फड़क रही थी. उदय का फॉर-प्ले ही इतना रंगीन था की मैं खुद अब देखना चाहती थी की दूधवाला भैया कैसे मुझे चोदता हे!

    उदय ने अब मुझे लिटा दिया और वो मेरी चूत को सहलाने लगा. मेरी चूत थोड़ी श्याम रंग की हे. उदय की उंगलियाँ मेरी चूत के लिप्स के ऊपर घूम रही थी और चिपचिपे पानी का अहसास उसे और मुझे दोनों को हो रहा था. उदय जल्दी ही भंगकुर पर जा पहुंचा और उसे सहलाने लगा. अब वो जोर जोर से अपने हाथ से मेरी चूत को घिस रहा था. मेरे बदन में अन्तर्वासना की अजब सी लहर दौड़ उठी थी. मैं भी अपनी कमर को ऊपर उठा के हिला रही थी मजा जो आ रहा था. फिर उदय ने अपनी ऊँगली को मेरी चूत की घाटी में गुम कर दिया. उसके देसी फिंगर फकिंग में वो ताकत थी की मैं एक मिनिट में ही रस छोड़ बैठी. उदय ने निचे झुक के मेरी चूत के रस को चाट लिया!

    वो ऊपर उठा और बोला आप की चूत एकदम मीठी और टेस्टी हे भौजी!

    मैंने वापस उसके माथे को बुर पर धकका दे के कहा, फिर थोडा और चाट ले मेरे राजा!

    उदय ने कुछ देर तक मजे से मेरी चूत को खाया. और फिर उसने अपना लोडा मेरी चूत के ऊपर लगा दिया. वो कस के धक्के दे के मुझे चोदने लगा. मैंने अपने पति से बहुत बार चुदवाया था इसलिए मेरी चूत टाईट नहीं थी. वो मुझे लिपट के जोर जोर से ठोक रहा था मुझे. और मैं भी उसके होंठो के ऊपर अपने होंठो से चुम्मे दे के अपनी कमर को हिला रही थी.

    वो बोला, आई लव यु भौजी, आप की चूत बड़ी ही सेक्सी हे!

    मैं भी कमर हिलाते हुए बोली, अह्ह्ह अह्ह्ह उदय तुम्हारा लंड भी बड़ा सेक्सी हे चोदो मुझे और जोर जोर से अपने बड़े लोडे से.

    उदय ने अब मेरी सॉफ्ट बूब्स को मुहं में भर लिया चोदते हुए. अब उदय की स्पीड एकदम से डबल हो गई थी. मैं भी अपनी कमर को जोर जोर से हिला के उसके लंड से चुद रही थी.

    15 मिनिट तक ऐसे ही धक्के लगे और वो मुझे पकड के बेरहमी से चोदता गया.

    फिर वो बोला, चलो अब कुत्ता बन जाओ.

    मैं खड़ी हुई तो मेरे पुरे बदन में चुदाई का दर्द होने लगा था. मैं जैसे तैसे घोड़ी बनी. उदय पीछे आ गया और अपने लंड को उसने चूत में परो दिया. फिर से 15 मिनिट तक वो कस कस के मुझे चोदता रहा. और फिर उसका वीर्य निकलने को था तो उसने मुझे कहा सीधी हो जाओ. मैंने फिर से सुलटी हो के पाँव खोल के लेट गई. जैसे ही उसने लंड को मेरी चूत में फिट किया अन्दर से गाढ़ी मलाई निकल के चूत में भरने लगी. और मेरे दूधवाले का वीर्य कितना गरम था बाप रे!

    मेरे पति का वीर्य ठंडा होता हे और इसका एकदम गरम. मुझे उसी वक्त से लगा की मैं अब प्रेग्नेंट हो ही जाउंगी.

    उसके लंड की पिचकारी पुरे एक मिनिट तक रुक रुक के आ रही थी. करीब 50 ग्राम गाढ़ी वीर्य उसने मेरी चूत में ही छोड़ दी. मैं थक गई थी. उसने मेरे बदन के ऊपर चद्दर डाल दी और मैं सो गई.

    वो उठ के नाहा के हम दोनों के लिए बहार से खाना ले आया. मैं दो घंटे के बाद उठी तो थोड़ी थकान कम हुई थी. खाने के बाद फिर से उदय ने मुझे चोदा घोड़ी बना के.

    फिर वो बोला अब मैं तबेले के ऊपर जा के आता हूँ आप आराम करो.

    वो शाम को लेट आया दूध का काम निपटा के. साथ में खाना ले के आया था. रात भर फिर उसने मुझे रगड़ा. मैं भी बच्चे के लिए बिना कुछ कहे चुद्वाती ही गई.

    दुसरे दिन वो सुबह जल्दी दूध दे के आया तब तक मैंने उठ के नाहा लिया था. उसने सुबह से ही अपना काम चालु कर दिया. दो दिन में उसने मुझे 12 बार चोदा और ढेर सारे शुक्राणु मेरी चूत में छोड़े.

    फिर तीसरे दिन मोर्निंग में मैं ऑटो कर के ससुराल आ गई. फिर नोर्मल रूटीन चालु हो गया. नेक्स्ट मंथ मासिक नहीं आई तो मैंने अपने पति से एक प्रेगा-न्यूज़ किट मंगवा ली. और चेक किया तो उसके ऊपर दो गुलाबी लाइन बनी हुई थी. मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ही नहीं था. पति को बताया तो वो उपरवाले को थेंक्स बोलने लगे. और मैं ऊपर वाले के साथ साथ मन ही मन उदय को धन्यवाद दे रही थी. सास ने भी बड़े फक्र से सब में कॉल लगाए.

    दुसरे दिन उदय को मिठाई खिलाई तब वो आलरेडी जानता था की इसकी वजह क्या हे.

    आठ महीने और कुछ दीन के बाद मुझे एक बेटा हो गया. मैं वांझ में से माँ बनी. पति को लगता हे की उनकी आधी स्पर्म काउंट के बाद भी वो लकी हे. और मैं, उदय और वैशाली ही जानते थे की वो कितने लकी हे. दोस्तों मैंने अपने सीक्रेट संभोग की बात आज से पहले किसी को नहीं की थी. यहाँ लिखा तो मन हल्का सा हो गया आज. आप को कैसी लगी मेरी ये रियल लाइफ की संभोग कथा?

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