जिस्म की प्यास - Hindi sex Novel - 52

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Apr 27, 2016.

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    जिस्म की प्यास - Hindi sex Novel - 52



    जिस्म की प्यास - Hindi sex Novel - 52
    रिया ने खुद ही रमेश का हाथ पकड़ के अपने उरोज़ पे रख दिया और रमेश ने उसे धीरे धीरे मसलना शुरू कर दिया.

    रिया के होंठों को छोड रमेश ने उसकी गर्दन पे चुंबन करना शुरू कर दिया और रिया की सिसकियाँ कमरे में गूंजने लगी.
    'ओह अंकल - बहुत प्यार करो मुझे - बहुत तदपि हूँ मैं. अहह इसे किस मे - किस मे मोरे'
    रमेश ने रिया के टॉप को उसके जिस्म से अलग कर दिया अंदर रिया ने ब्रा नही पहनी थी. उसके उरोज़ खुली हवा में अपनी सुदोलता का बखान करने लगे. निप्पल उत्तेजना के कारण एक दम तन गये थे. दूधिया गुलाबी रंगत के वक्ष और हल्के भूरे रंग के निप्पल रमेश को अपने तरफ खींच रहे थे.
    रमेश ने जैसे ही एक निप्पल के ऊपर अपनी ज़ुबान फेरी रिया सिशकपड़ी
    म्‍म्म्मममममम
    और जैसे ही रमेश के होंठों ने निप्पल को अपने क़ब्ज़े में लिया रैया के हाथ रमेश के सर पे चले गये और उसके बालों को सहलाते हुए उसके सर को अपने उरोज़ पे दबाने लगे.
    रिया जिस्म में उठती हुई तरंगों को से नही पा रही थी और बिस्तर पे नागिन की तरहा बाल खाने लगी. उसके निप्पल से उठती हुई तरंगे सीधा उसकी चुत पे प्रहार कर रही थी और बेचारी चुत ने खलबलते हुए अपना रस चोदना शुरू कर दिया.
    रिया ने खुद ही अपना दूसरा उरोज़ मसलना शुरू कर दिया और रमेश भी उसके निप्पल को ज़ोर ज़ोर से चूस्ता या फिर पूरे उरोज़ पे अपनी ज़ुबान फेयर कर चाटता.

    ' आह अंकल चुसू ज़ोर से चुसू - पे जाओ मेरा दूध - आह कितने अच्छे लग रहे हैं आपके होंठ इन पर - और चूसो - आह आह आह मसल डालो'

    और रिया रमेश के दूसरे हाथ को अपने नंगे उरोज़ पे रख कर सिहर उठती है.

    'मसालो मुझे - रागडो मुझे - रंडी बना लो अपनी - अपने लंड की रंडी उम्म्म्ममममम'

    रिया के मुँह में जो आ रहा था बकती जा रही थी और अंदर ही अंदर रमेश की हालत खराब हो रही थी.
    रमेश ने उसके दूसरे उरोज़ को ज़ोर ज़ोर से मसलना शुरू कर दिया और उसके निप्पल को हल्के हल्के कातने लगा.
    'हाँ ऐसे - कतो मुझे - कहा जाओ मुझे आह आह उफफफफफफ्फ़'

    रमेश चाहे अंदर ही अंदर डरा हुआ था पर उसके जिस्म में उत्तेजना ब ड़ ती जा रही थी - जिस्म दिमाग़ से बग़ावत कर रहा था.
    रमेश से और सहा नही गया उसने झट से अपने कपड़े उतार फेंके और रिया को भी नग्न कर दिया.
    रिया का नंगा मदमाता बदन उसे पागल कर गया और वो रिया के होंठों पे टूट पड़ा. रिया भी बेल की तरहा उस के साथ लिपात्टि चली गई.
    रमेश के हाथ फिर रिया के उरोज़ पे चले गये और बेदर्दी से उन्हें मसलने लगा
    रिया की सिसकियाँ रमेश के मुँह में घुलने लगी.
    रमेश ने झुक कर रिया के निप्पल को मुँह में ले लिया और अपनी ज़ुबान से से छेड़ने लगा और दूसरे उरोज़ को बेदर्दी से मसलने लगा.

    आआआआहह

    रिया की सिसकियाँ चुतने लगी.




    'हे अंकल लव मे, अहह शकमे , चूसो मुझे, निकल दो मेरा दूध'

    रिया के मुँह में जो आ रहा था बड़बड़ा रही थी.
    जी भर के रिया के निपल्स को चूसने और उसके उरज़ोन को बुरी तरहा मसलने के बाद रमेश उसके जिस्म के और नीचे बड़ा और उसकी नाभी को चातने लगा

    उूुुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़

    'ओह रिया ! बहुत सुंदर है तू, बिल्कुल अपनी आंटी की तरहा'

    'तो आज लगा लो भोग इस सुंदराता का - सिर्फ़ आपके लिए है ये'

    और रमेश उसके जिस्म को चाटे हुआ उसकी चुत पे पहुँच गया.
    जैसे ही रमेश की ज़ुबान ने उसकी चुत को छुआ रिया बिस्तर से उछाल पड़ी.

    'ऊऊओह म्‍म्म्मममममाआआआ'

    रमेश उसकी चुत के लबों को हल्के हल्के कातने लगा.
    रिया के हाथ रमेश के सर पे चले गये और ज़ोर से उसे अपने चुत पे दबा डाला.
    रमेश ने उसकी चुत की फांको को अपनी उंगलियों से फैलाया और अपनी ज़ुबान बीच में डाल दी.

    आआआआआआआहह

    रिया ज़ोर से सिशकपड़ी

    रमेश उसकी चुत को अपनी ज़ुबान से चोदने लगा और रिया मस्ती का सागर में डूबती चली गई.

    रिया की उतेज़्ना इतनी बड़ी की वो अपनी चुत रमेश के मुँह पे मारने लगी.

    उूुुुुुुुउउफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ हहाआआऐययईईईईईईईईईईईईईई
    ययए क्य्ाआआआ हहूऊओ रहा हाईईईईईईईईईईई मुझे

    एक दौरा सा चड़ गया रिया को, उसका जिस्म अकड़ने लगा और एक चीख के साथ उसने अपना रस छोड़ना शर कर दिया.

    म्‍म्म्मममममममाआआआआआआआआआआआअ

    रमेश लपलप उसके रस को पीता चला गया और रिया का जिस्म ढीला पड़ता चला गया. उसकी आँखें मूंद गई और वो अपने पहले ऑर्गॅज़म के नशे में खो गई.

    रिया अपने ओर्गसम की सुखद अनुबहोति में खो गई थी और उसकी पलकें बंद हो गई थी, पर रमेश का बुरा हाल हो रहा था उसका लंड आकड़ा हुआ था और इस वक़्त उसे चुत चाहिए थी चाहे किसी की भी क्यूँ ना हो.

    रमेश ने बड़ी मुश्किल से खुद को रोका रिया की चुत का सत्यानस करने को क्यूंकी अगर वो रिया के साथ आगे बदता तो उसे रोंध डालता और रिया की पहली चुदाई भयंकर हो जाती, उसके दिमाग़ में एक दम रानी आ गई.

    रमेश ने फटाफट रिया के नंगे जिस्म को चादर से धक्का और यूनी नंगा कमरे से बाहर निकल गया. जैसे ही वो बाहर निकला उसे रानी अपने कमरे की तरफ जाती हुई दिखाई दी, यानी रानी ने सब देख लिया था. अब रानी के मुँह को बंद करने के लिए रमेश को ये और भी ज़रूरी लगा की वो उसे अपने लंड का स्वाद चखा दे.

    और वैसे भी वो उस वक़्त रानी को चोद रहा था जब रिया बीच में आ तपकी. रमेश रानी के पीछे लपका और उसके पीछे पीछे उसके कमरे में घुस गया. जैसे ही रानी पलटी, रमेश ने उसे दबोच लिया और उसके होंठों को ज़ोर ज़ोर से चूसने लग गया. रानी भी अधूरी चुदाई की वजह से गरम थी और जो लाइव शो वो देख के आ रही थी, उसकी वजह से उसके जिस्म में आग लगी हुई थी.

    जिस्म की प्यास - Hindi sex Novel - 52

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