कभी चूत कभी गांड

Discussion in 'Hindi Sex Stories - हिंदी सेक्स कहानियाँ' started by SexStories, Sep 11, 2017.

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    कभी चूत कभी गांड

    Kabhi choot kabhi gaand :

    नमस्ते मेरे प्यारे पाठको, कैसे हैं आप सभी ? मैं मनीष है और मैं अम्बाला में रहता हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मैं आई टी कंपनी में जॉब करता हूँ | मेरा काम बिलिंग करने का है | मैं दिखने में पतला दुबला हूँ और दिखने में भी ठीक ठाक हूँ | मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है | दोस्तों, ये मेरे जीवन की सच्ची घटना है और मैं उस घटना को आप लोगो के सामने पेश कर रहा हूँ | आज जो मैं कहानी लिखने जा रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसंद आयगी | तो अब मैं आप लोगो का समय ज्यादा बरबाद नहीं करूँगा और अब सीधा अपनी कहानी चालु करता हूँ |

    ये घटना कुछ दिन पहले कि है | मैं जिस मोहल्ले में रहता हूँ उस मोहल्ले के पीछे एक लड़की रहती है तलैया के पास जिसका नाम मानसी है | वो दिखने में ठीक ठाक है मतलब कि बजाने लायक है | वो अभी स्कूल में पढ़ती है और बहुत ही चुदक्कड़ किस्म की लौंडिया है उसके घर में उसके 3 चाचा हैं जो कि ऑटो चलते चलाते हैं और उनका काफ़ी बजन चलता है वहां पर | मेरा एक दोस्त हैं जिसका नाम अंकुश है उससे पहले मानसी पटी हुई थी और उसने कई बार उसे चोदा भी था पर जब वो लड़की उसके गले पड़ने लगी तो उसने उसे छोड़ दिया | मैं बचपन से ही बिगड़ा था पर मैंने कभी चूत नहीं मार पाया | मैंने अंकुश से कहा कि भाई तूने तो इतनी रंडियां चोदा है तो मुझे कोई लड़की की चूत दिलवा दे | तो उसने मुझे बताया कि तलैया के पास एक लड़की रहती है उसे तू पटा ले | तो मैंने कहा कि मुझसे चुदवा तो लेगी न | तो उसने कहा कि हाँ भाई बहुत चुदक्कड़ है चुदवा लेगी मैंने तो उसे कई बार चोदा है | मैंने कहा ठीक है उसका नंबर दे दे | जब उसने मुझे नंबर दिया तो मैंने अंकुश को शाम को देसी दारु पिला दी | अंकुश भी खुश हो गया | घर जा कर मैंने उस लड़की रात में मेसेज किया |

    हाय !


    तो उसका जवाब आया हाय ! आप कौन ?

    मैंने कहा कि मैं मनीष हूँ |

    उसने कहा कि कौन मनीष ?

    तो मैंने कहा कि अरे आप मुझे नहीं जानते हो |

    फिर उसने मुझे कहा कि तुम मुझे जानते हो क्या ?

    तो मैंने कहा कि नही मैं भी आपको नहीं जानता |

    फिर उसने कहा कि नंबर कहाँ से मिला ?

    तो मैंने कहा कि यार मुझे तुम्हारी एक फ्रेंड ने नंबर दी है |

    तो उसने पूछा कि किस फ्रेंड ने तुम्हे मेरा नंबर दी है नाम बताओ उसका ?

    तो मैंने कहा कि नहीं यार मै नाम नहीं बता सकता क्यूंकि उसने मुझे कसम दी है ना बताने कि |

    तो उसने कहा कि ठीक है तो यहाँ भी मेसेज मत करना |

    फिर मैंने कहा कि यार सुनो न तुमसे एक बात कहना है |

    तो उसने कहा कि क्या कहना है जल्दी बोलो ?

    तो मैंने कहा कि मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ |

    तो उसने कहा कि क्यू जबकि तुम तो मुझे जानते नहीं हो ?

    तो मैंने कहा कि यार यार जानता नहीं हूँ पर देखा तो हूँ न |

    फिर उसने पूछी कि अच्छा तो बताओ कैसी दिखती हूँ ?

    तो मैंने भी मक्खन लगाते हुए कह दिया कि यार तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो और तुम बहुत स्वीट हो |

    इसी चीज़ में वो भी फिसल गयी | अब हम दोनों की रोज मेसेज में बात होने लगी और उसके बाद फोन पर भी बात होना चालू हो गयी | ऐसे ही बात होते होते हम दोनों एक दूसरे के प्यार में पागल हो गये पता ही नहीं चला | अब तो हर दम ऐसा लगता कि बस बात ही करते रहो | उसके बाद एक दिन मैंने उसे कहा कि यार बात होते हुए तो हमे काफ़ी दिन हो गए हैं क्यू न हम कही मिलते हैं | तो वो भी तैयार हो गयी | स्कूल के टाइम पर मैंने उसे गोल पड़वा दिया और उसे घुमाने परियट ले गया | उस दिन बस हमने आपस में बस किस ही कर पाए थे | फिर एक दिन उसका घर खाली था तो उसने मुझे फोन कर के घर बुलाया | मैं चूत का भूत ऑफिस वाले शशांक भैया से कहा कि भैया आज मैं थोडा लेट आऊंगा | तो उन्होंने भी कहा ठीक है मनीष जल्दी आ जाना नहीं तो अर्पित और विनय के बिल मुझे बनाने पड़ेंगे | तो मैंने कहा ठीक है भैया मैं आ जाऊंगा |

    उसके बाद मियन सीधा मानसी के घर गया | मानसी एक दम अकेली थी और उसने टॉप और शोर्ट स्कर्ट पहने हुए थी | उसने मुझे घर के अन्दर कर ली | अब उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मै भी उसके गले लग कर उसे मसलने लगा | फिर मैंने उसके होंठ में अपने होंठ रख दिया और उसे होंठ के रस को पीने लगा | वो भी मेरा साथ देते हुए मेरे होंठ को चूसने लगी | उसके बाद मैंने उसके टॉप को उतार दिया और ब्रा को भी उतार दिया | अब मैं उसके छोटे छोटे दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा | वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरे सिर को सहलाने लगी | फिर उसने मेरे शर्ट और पेन्ट दोनों को उतार दी और मुझे नंगा कर दी | अब वो मेरे लंड को चाटने लगी तो मेरे मुंह से आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी | मैं बहुत जोश में आ चुका था और अब मुझे समझ आ रहा था कि लोग चुदाई के पीछे इतना पागल क्यू होते हैं | उसके बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में भर ली और आगे पीछे करते हुए जोर जोर से चूसने लगी | मेरे मुंह से लगातार आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ की सिस्कारिया निकलने लगी थी | वो मेरे लंड को बहुत मजे से और जोर जोर से चूस रही थी |

    फिर उसके बाद मैं उसे पानी गोद में उठा कर उसे बिस्तर पर लेटा दिया | अब मैं फिर से उसके दूध को चूसा और फिर अब मैं उसकी टांग फैलाया और उसकी चिकनी चूत पर अपनी जीभ रख चाटने लगा तो वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मचलने लगी | मै भी मजे से उसकी चूत को चाट रहा था और उसके चूत के दाने को अपने होंठ में दबा कर चूस रहा हा और वो भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए मेरी सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी | फिर उसने कहा कि यार मुझे बस अब चोद दो | तो मैंने कहा कि अरे मेरी जान नेकी और पूछ पूछ | अब मैंने उसकी चूत में अपना लंड टिकाया और उसकी चूत में अपने लंड को घुसेड़ने लगा | वो भी आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हए मेरे लंड का स्वागत करने लगी | मैं जोर जोर से उसकी चूत को चोदने लगा और वो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी |

    फिर मैंने कहा कि मैं तुम्हारी गांड चोदना चाहता हूँ तो उसने कहा कि ठीक है | फिर मैंने उसे घोड़ी बना दिया और उसकी गांड को चाटने लगा और चूत को सहलाने लगा | तो आआहाआ ऊऊन्न्ह ऊऊम्म्ह ऊउम्म ऊउन्न्ह अहहाआअहाअ अहहहा हहहाआअ अहहहाआ ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह ऊनंह ऊउम्म्म्ह अहहहाआआअ आहाआआउन्ह ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह आहा आआआहा ऊउम्म्ह ऊउन्न्ह आअहाआअ करते हुए सिस्कारिया भरने लगी | उतने में ही उसका एक चाचा आ गया जिसका नाम बिरजू है |

    उसने हम ये सब करते हुए देख लिया | तब तक हम दोनों एक दूसरे से अलग हुए लेकिन कोई मतलब नही निकलना था | उसके चाचा ने एक जोरदार थप्पड़ मारा मानसी को कि वो बेहोश हो गयी | उसके बाद बिरजू ने मुंझे बाँध दिया नंगा ही | करीब एक घंटे के बाद उसके दोनों चाचा आ गये | अब सबको पूरी कहानी पता चल गयी | उन तीनो ने मुझे खूब पीटा लट्ठ से | फिर उन्होंने वही लट्ठ मेरी गांड में डाल कर बहुत चोदा | उसके बाद मैं और मानसी कभी नही मिले और जब भी दिखाई देते हैं तो नजरे फेर लेते हैं |

    तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी | मैं उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी ये कहानी पसंद आई होगी |

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